इंदौर। के 71नबर स्थित श्री आदिनाथ चेत्यालय में श्री भक्तामर आराधना का विधान 48 दीपो से किया गया*

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इंदौर ।के 71नबर के श्री आदिनाथ चेत्यालय के 28वर्ष पूर्ण होने पर श्री आदिनाथ भगवान के मोक्ष कल्याणक से 48दिन की आराधना समाज जनों के द्वारा रोजाना मंदिर में आयोजित की जा रही हे  मंदिर के संरक्षक सनत आरती जी जैन व समाज सचिव सुनील जैन ने बताया कि शिरोमणि आचार्य वात्सल्य बारिधि श्री वर्धमान सागर जी व मुनि श्री चरित्र सागरजी  की प्रेरणा से यह  धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा हे मंदिर जी के 28वर्ष पूर्ण होने पर मन में ऐसी भावना बनी व समाजजनों की सहमति से यह श्री भक्तामर की48दीपो से आराधना चल रही आराधना के यजमान मीना दीपक प्रधान  धामनोद समर पूर्वा कंठली इंदौर थे  इस अवसर सभी समाज महिला पुरुष शामिल हुए धर्मवप्रभावना वितरित की गई इस अवसर दीपक प्रधान ने जैन समाज 71की प्रशंसा करते हुए  कहा कि धर्म के कोई भी कार्य की शुरुआत यहीं से होती हे यहां आदिनाथ भगवान से लगाकर श्री महावीरवजयंती तक 20दिन तक रोजाना प्रभात फेरी नगर के अलग अलग मोहल्लों से निकाली जाती हे धर्म प्रभावना कर जन जन को भी प्रेरणा व महावीर स्वामी का संदेश दिया जाता हे  यहां श्री आदिनाथ जी की प्रतिमा बहुत  अतिशय कारी हे जहां 10घर के 200घर हो गए  इस कालोनी के सभी परिवार जब आए थे सम्पन्न नहीं थे परंतु भगवान की कृपा से सभी बेहतर स्थिति में पहुंच गए श्रीमती आरती सनत जी ने बताया कि मुनि श्री निजानद सागरजी के सान्निध्य में मूर्ति विराजमान हुई व इस मंदिर की प्रतिष्ठा  इंदौर नगर के साथ अखिलभारतीय पंडित नाथूलालजी शास्त्री  के मार्ग दर्शन में प्रतिष्ठा की  गई  बाद में सभी उपस्थित महानुभावों ने श्री आदिनाथ भगवान की आरती की व धर्म प्रभावना वितरित कर सभी को गन्ने का रसपान करवाया धामनोद//दीपक प्रधान की विशेष रिपोर्ट*

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।