गढ़ाकोटा नगर पालिका अध्यक्ष  संगीता मनोज तिवारी बनी  गढ़ाकोटा से राजेंद्र साहू की रिपोर्ट

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गढ़ाकोटा -नगर में नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष दीपा  दिनेश लहरिया के इस्तीफा दे देने के बाद अध्यक्ष पद का पद रिक्त हो गया था जिस कारण से आज नगर पालिका में दोपहर 11:00 बजे निर्वाचित पार्षदों की एक बैठक सभागार में आयोजित की गई थी जिसमें नाम निर्देशन के बाद संगीता मनोज तिवारी को अध्यक्ष पद का प्रमाण पत्र प्रदान किया गया
      सन 2022 में गढ़ाकोटा नगर पालिका के चुनाव संपन्न हुए थे गढ़ाकोटा नगर पालिका  के अध्यक्ष पद को अनारक्षित महिला पद आरक्षित किया था आरक्षण के बाद  नगर पालिका के 23 वार्डों के चुनाव संपन्न हुए थे जो सभी भाजपा की झोली में गए थे चुनाव के बाद अध्यक्ष पद के दो दावेदार थे दोनों कई बार से पार्षद पद पर जीते आ रहे हैं सभी पार्षदों की एक बैठक वर्तमान कैबिनेट मंत्री पंडित गोपाल भार्गव के निवास पर   संपन्न हुई थी जिसमें अध्यक्ष उपाध्यक्ष पद पर एक फार्मूला तय किया गया कि पार्टी के चुने हुए पार्षदों एवं पंडित गोपाल भार्गव की सहमति से दोनों दावेदार महिला पार्षदों के लिए पहले वाले को 2 वर्ष का कार्यकाल एवं दूसरी महिला पार्षद को तीन वर्ष का कार्यकाल तय किया गया था जिसके तहत पहली बार अध्यक्ष बनी श्रीमती दीपा दिनेश लहरिया ने दो वर्ष पूर्ण होते ही अपने पद से सीएमओ गढ़ाकोटा को अपना बिना शर्त इस्तीफा दे दिया सीएमओ गढ़ाकोटा द्वारा उक्त इस्तीफा कलेक्टर सागर को भेज दिया कलेक्टर ने विधिवत जांच कर गढ़ाकोटा नगर पालिका अध्यक्ष का पद रिक्त घोषित कर दिया जिसका आज चुनाव संपन्न हुआ चुनाव में निर्वाचन अधिकारी एसडीएम रहली गोविंद दुबे गढ़ाकोटा तहसीलदार सीएमओ गढ़ाकोटा की देखरेख में विधायक पंडित गोपाल के समक्ष उक्त प्रक्रिया पूर्ण की गई|
      वादा निभा कर इतिहास रचा- पंडित गोपाल भार्गव
पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं वर्तमान विधायक पंडित गोपाल भार्गव ने  अपने उद्बोधन में कहा कि पूर्व अध्यक्ष दीपा दिनेश लहरिया ने नगर पालिका अध्यक्ष पद से इस्तीफा देकर पूरे हिंदुस्तान में एक इतिहास रच दिया उन्होंने कहा कि एक सरपंच भी किसी दूसरे के लिए अपना पद त्याग नहीं करता किंतु नगर पालिका अध्यक्ष पर होते हुए दीपा देश लहरिया ने दीप दिनेश लहरिया ने जो कार्य किया वह इतिहास में इतिहास बन गया उन्होंने भावुक होकर कहा कि हमारी पार्टी भारतीय जनता पार्टी में ऐसे त्याग करने वाले कार्यकर्ता होने से मैं अपने आप पर गर्व महसूस कर रहा हूं एवं ऐसे कार्यकर्ताओं को मैं धन्यवाद देना चाहता हूं जिस कारण से पार्टी इस नई ऊंचाइयों पर पहुंच पाई है प्रमाण पत्र मिलने के बाद हजारों कार्यकर्ताओं ने  फूलमालाओं से एवं गुलदस्ता भेंट कर नए अध्यक्ष को शुभकामनाएं दी हैं उसके बाद में बस स्टैंड से एक जुलूस के रूप में अध्यक्ष महोदय अपने घर पहुंची रास्ते में कार्यकर्ताओं ने भव्य आतिशबाजी की

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Hi

*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।