जैसीनगर। पुलिस ने हत्या के प्रयास के आरोपी को 24 घंटे के अंदर किया गिरिफ्तार

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जैसीनगर।श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय सागर के निर्देशन मे, श्रीमान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय सागर एवं श्रीमान अनुविभागीय अधिकारी राहतगढ़ के मार्गदर्शन मे सभी फरार आरोपियों की गिरिफ्तारी हेतु चलाये जा रहे अभियान के तहत थाना जैसीनगर के अपराध क्रमांक धारा  बीएनएस के फरार आरोपी सुरेश विश्वकर्मा पिता लक्ष्मण विश्वकर्मा उम्र 34 वर्ष निवासी ग्राम गेहलपुर थाना जैसीनगर जिला सागर को आज दिनांक को ग्राम गेहलपुर से गिरिफ्तार कर माननीय न्यायालय पेश किया जो माननीय न्यायालय द्वारा आरोपियों को न्याययिक अभिरक्षा पर जेल भेजा गया.
घटना का विवरण – आरोपी ने घरेलू विवाद पर से अपनी पत्नी को जान से मरने की नियत से कुल्हाड़ी से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था जो जिला अस्पताल मे भर्ती हैं.

उक्त कार्यवाही मे थाना प्रभारी जैसीनगर उनि रामदीन सिंह,प्रआर सतीश श्रीवास्तव, प्रआर केके यादव,आर. सोनू जगमोहन,आर. जीतेन्द्र रजक,आर. काज़ी सईदउद्दी,आर.विनोद सिंह,आर.संदीप सोलंकी,आर.सोनू गौतम,आर. शशांक राजपूत,महिला आर. तपस्या,की सराहनीय भूमिका रही.

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।