ड्रग्स एवं स्मैक नशीले पाउडर की शहर एवं ग्राम‌ स्तर पर खुलेआम चल रही दुकानें

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नशीले पदार्थ बेचने वाले व्यापारीरियो पर देवरी अनुविभाग की पुलिस मेहरबान

देवरी कला ll
मध्य प्रदेश के सागर जिले की देवरी तहसील
गांजा अफीम एवं स्मैक व्यापार में प्रथम स्थान पर पहुंच गई है महानगर एवं बड़े शहर को भी पीछे छोड़ते हुए जगह-जगह खुलेआम व्यापार में प्रथम स्थान पर अपनी जगह बना चुकी है सूत्रों के हवाले से मिली खबर द्वारा पता चला है कि देवरी अनुविभाग के अंतर्गत देवरी, केसली ,महाराजपुर ,गौरझामर टड़ा आदि स्थानों में ग्राम से लेकर शहर स्तर पर खुलेआम नशीले पदार्थ बेचे जा रहे हैं। इस संबंध में देवरी अनुविभाग के पांचो थानों में जानकारी होने के बाद भी पुलिस द्वारा कोई भी बड़ी काईवाई नजर नहीं आई । जैसे तैसे ग्रामीण एवं समाजसेवी द्वारा नशीले पदार्थ बेचने वालों की जानकारी दी जाती है तो पुलिस द्वारा नाम मात्र की कार्रवाई कर नशीले पदार्थों को उपयोग करने वाले व्यक्तियों को ही पकड़ कर कार्यवाही की जाती है। पुलिस द्वारा कभी यह उजागर नहीं किया जाता है कि यह नशीला पदार्थ कहां से लाया जा रहा है। एवं इसकी खरीदी एवं बेचने वाला व्यक्ति है कौन इसकी तह तक पहुंचने की कभी कोशिश नहीं की गई मामले को पुलिस द्वारा दलालों से सांठगांठ कर मुख्य व्यापारी को पूरे मामले से पुलिस द्वारा बचा लिया जाता है। नशीले पदार्थ बेचने वालों में देवरी का बेलढाना ग्राम एवं खंडेराव वार्ड के कौशकिया कॉलोनी एरिया भी प्रथम स्थान पर पहुंच गया है वही देवरी शहर के वार्डों में भी इसके अलावा अन्य ग्रामों में दलालों द्वारा किया जा रहा है ऐसा ही देवरी के महाराजपुर ,गौरझामर ,केसली टड़ा एवं इनके नजदीक अन्य ग्राम ऐसे भी हैं जहां पर इसका व्यापार खुलेआम चल रहा है मगर देवरी की पुलिस को यह नजर नहीं आ रहा है वहीं ग्रामीणों का कहना है कि बेलढाना में रोज लाखों रुपए का नशीला पदार्थ बेचा जाता है देवरी नगर में वार्डों में भी बेचने वाले दलाल पीछे नहीं है।नशीले पदार्थों के साथ नगर के वार्डों एवं ग्राम स्तर पर अभी शराब का व्यापार भी बहुत जोरों पर चल रहा है ठेकेदार की निजी गाड़ियों से वार्ड एवं ग्राम स्तर की छोटी -छोटी दुकानों पर अवैध शराब भेजी जाती है जिसके कारण ग्राम एवं नगर के स्तर पर ग्रामीण जन इस समस्या को लेकर बहुत ज्यादा परेशान है नई युवा पीढ़ी अवैध शराब एवं नशीले पदार्थ एवं गांजा स्नेक पाउडर की चपेट में आ रहे हैं नगर देवरी से लेकर जिला के आल्हा अधिकारी चुप्पी साध कर पूरे मामले को नजर अंदाज कर रहे हैं। वहीं पूरे मामले को लेकर ग्रामीण क्षेत्र के लोगों एवं नगर के लोगों द्वारा पूर्व मंत्री हर्ष यादव को नशीले पदार्थ एवं शराब संबंधी बिक्री की जानकारी दी गई इसके संबंध में पूर्व मंत्री द्वारा पुलिस अधीक्षक सागर को पत्र के माध्यम से अवगत कराकर कार्रवाई की मांग की गई थी देवरी क्षेत्र नशीले पदार्थ एवं अवैध शराब की चपेट में आता जा रहा है एवं युवा पीढ़ी नशीले पदार्थों में शराब की चपेट में आकर बर्बाद हो रही हैं मगर पूर्व मंत्री के पत्र के बाद भी कोई कार्यवाही देवरी में नजर नहीं आ रही ।

इनका कहना है :-

आपसे जानकारी प्राप्त हुई है नशीले पदार्थों का खुलेआम व्यापार किया जा रहा है इसके संबंध में आईजी एंव एसपी निर्देशन किया जाएगा

(प्रमोद वर्मा आईजी सागर संभाग)

राजेंद्र शुक्ला उपमुख्यमंत्री एवं सागर जिला प्रभारी मंत्री

सागर पुलिस अधीक्षक एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक से फोन पर संपर्क करने की बार-बार कोशिश की गई मगर उनके द्वारा फोन रिसीव नहीं किया गया l

“देवरी में बेचे जा रहे नशीले पदार्थों के व्यापार मामले मे जांच कराई जाएगी”

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Hi

*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।