देवरी कला ।मनरेगा में फर्जीवाड़ा, मौके पर मजदूर नहीं, मस्टर रोल भरकर भुगतान हो रहा पूरा

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देवरी कला। फर्जी मस्टर रोल भर के भुगतान कराया जा रहा है। मौके पर कोई मजदूर दिखाई नहीं दे रहे हैं और ग्राम पंचायत गंगवारा, जैतपुर कछया, सुना रहली, में मनरेगा योजना के कार्यों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की जा रही है।
आपको बता दें कि देवरी जनपद की ग्राम पंचायत सुना रहली में निर्मल नीर कूप आश्रम के पास निर्माण कार्य काफी समय पहले हुआ था । जिसमें सहायक सचिव उमेश तिवारी द्वारा 38 श्रमिकों की बिना काम कराये फर्जी हाजिरी मनरेगा एप पर दर्ज कराई जा रही है। इसी प्रकार ग्राम पंचायत गंगवारा में मनरेगा से तीन कार्य किये गए हैं । फील्ड पॉन्ड घनश्याम के खेत के पास निर्माण कार्य सीसी रोड निर्माण राजकुमार साहू के घर से स्कूल की ओर , सीसी रोड प्राथमिक शाला के बाजू से पट्ठा वाले यादव की ओर तीनों निर्माण कार्यों पर 166 श्रमिकों की पुरानी फ़ोटो अपलोड कर गंगवारा सचिव अरविंद जैन द्वारा फर्जी हाज़िरी दर्ज की जा रही है। जिस निर्माण कार्यों को लेकर काफी समय हो चुका है लेकिन फिर भी वर्तमान में श्रमिकों की फर्जी हाजिरी दर्ज की जा रही है । और मनरेगा योजना को गंगवारा पंचायत कर्मी पलीता लगाने में जुटा हुआ है ।
ग्राम पंचायत जैतपुर कछया में सीसी रोड निर्माण कर भुजबल पटेल की यहां से पुन्नी अहिरवार की ओर,
हुआ था जिसमें करीब 36 श्रमिकों की सरपंच और सहायक सचिव रामजी पटेल द्वारा फर्जी हाजरी दर्ज मनरेगा ऐप की जा रही है ।आपको बता दें कि पंचायत द्वारा मनमानी कर मनरेगा योजना में मजदूरों को मिलने वाली मजदूरी को डकार रहे हैं।  उनके द्वारा नियम विरुद्ध दस्तावेज और  पुराने निर्माण कार्य की मनरेगा एप पर फोटो अपलोड कर अपने करीबी व्यक्तियों को कुछ कमीशन देकर फर्जी हजारी लगाकर शासन की राशि आहरण की जा रही है। और देवरी विकास खंड की अधिकांश पंचायतें इसी तरह मनरेगा योजना विकासखंड जिम्मेदारों की मिलीभगत से भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहा है ।

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।