धामनोद/के गणपति घाट की नई सड़क  पर दुर्घटना  में  महिला की मौत हुई

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धामनोद / से दीपक प्रधान धामनोद के गणपति घाट की नई सड़क पर बाइक दुर्घटना में महिला की मौत हो गई रिपोर्ट के अनुसार बाइक से न्याज़ मोहम्मदनाम का व्यक्ति अपनी पत्नी अनीसा बी निवासी चंदननगर के साथ इंदौर से महेश्वर के लिए जा रहे थे रास्ते में गणपति घाट पर सामने से बकरी का आना हुआ और जिसको बचाने के लिए न्याज तुरंत ब्रेक लगाया इसके बाद बाइक फिसल गई जिससे दंपति गिर गए इस घटना में न्याय को मामूली चोट आई लेकिन महिला गंभीर रूप से घायल हो गई थी जिसे उपचार के लिए टोल एंबुलेंस की मदद से धामनोद अस्पताल भेजा गया डॉक्टर सचिन पाटीदार ने महिला का प्राथमिक उपचार किया सर पर ज्यादा चोट होने की वजह से डॉक्टर ने उसे इंदौर रेफर कर दिया लेकिन इलाज के दौरान महिला अनीसा बीजिसकी उम्र 61 वर्ष की थी उनकी मौत हो गई फिलहाल पुलिस दुर्घटना की जांच में जुटी हुई है बता दे की गणपति घाट पर लगातार दुर्घटना होने के कारण करोड़ों रुपए की लागत से 9 किलोमीटर की नई सड़क का निर्माण हुआ और हाल ही में सड़क का उद्घाटन 30 नवंबर को केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने किया था नहीं सड़क बनने के बाद ऐसी उम्मीद जा रही थी कि दुर्घटना में कमी आएगी हालांकि ऐसा कोई बड़ा मामला अभी नहीं आया लेकिनइन दिनों में दो दुर्घटनाएं हो गई जिससे एक महिला की मौत हो गई वही बाइक सवार तीन युवक भी अज्ञात ट्रक के टक्कर में घायल हो गए थे जिससे एक को रेफर किया था

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।