धामनोद / सिख समाज की प्रभात फेरी नगर के विभिन्न मार्गों से निकाली गई

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धामनोद/ नगर के सिख और सिंधी समाज ने सिखों के नवे पातशाह धन-धन श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के पावन पवित्र शहीदी गुरु पूरब दिवस श्रद्धापूर्वक मनाया    धामनोद से दीपक प्रधान की रिपोर्ट                            इस अवसर पर शुक्रवार सुबह शहीदी दिवस गुरु पूरब को ध्यान में रखते हुए धामनोद गुरुद्वारा साहिब से प्रभात फेरी नगर के मुख्य मार्ग में निकाली गई प्रभात फेरी नगर में मुख्य मार्ग से होते हुए बालाजी मंदिर तक गई और वहां से वापस गुरुद्वारा साहिब समाप्त हुई रास्ते भर शामिल संगत शब्द कीर्तन पढ़ते रहे कई जगह स्वागत हुआ प्रभात फेरी समापन के बाद गुरुद्वारे में कीर्तन दीवान सजाया तत्पश्चात अरदास जानी दलजीत सिंह ने की फिर प्रसाद वितरित किया गया गुरुद्वारा साहिब में विगत पांच दिनों से गुरु तेग बहादुर जी की वाणी श्लोक महान नोवा जी  के  प्रतिदिन किए जा रहे थे  गौर मतलब  है  की आज के ही दिन  कश्मीरी पंडितो  के आव्हान पर हिंदू धर्म की रक्षा  के लिए गुरुजी ने अपना सीस दान दिया था  दिल्ली स्थित चांदनी चौक पर  सीस का दान देते हुए गुरु तेग बहादुर जी अडिग रहे उन्होंने शहीद होना मंजूर किया लेकिन अन्याय अधर्म के खिलाफ लड़ते रहे

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।