धामनोद ।गायत्री नगर में प्रथम विश्व ध्यान दिवस पर हुआ सामूहिक ध्यान व योगहमारे अंतरंग में अनंत शक्तियां विद्यमान हैं मुनि प्रणम्य सागर जी महाराज

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धामनोद ।परम पूज्य संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य अर्हम ध्यान योग प्रणेता परम पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य में प्रथम विश्व ध्यान दिवस 2024 , 21 दिसंबर को प्रातः 7:30 बजे से 9:00 बजे तक दिगम्बर जैन मंदिर महारानी फार्म ,गयात्री नगर, जयपुर में मंदिर प्रबंध समिति के तत्वावधान में ध्यान शिविर का आयोजन रखा गया ।
  मंदिर प्रबंध समिति के  उपाध्यक्ष  अरुण शाह ने अवगत कराया कि इस अवसर पर सर्वप्रथम अर्हम ध्यान योग के कार्यकर्ताओं ने उपस्थित संपूर्ण जैन समाज को अर्हम योग कराया तत्पश्चात मुनि श्री के निर्देशन में अर्हम ध्यान कराया गया।
मुनिश्री ने योग एवं ध्यान  पर प्रकाश डाला उन्होंने अर्हम के सम्बन्ध में कहा कि हमारे यानि अपने  अपने अंतरंग में अनन्त शक्तियां विद्यमान हैं जो ध्यान व योग करने से‌ अपने जीवन में प्रकट होती हैं अतः अर्हम के साथ योग व ध्यान करने से जीवन  व शरीर को अनेकों  लाभ मिलते हैं, उन्होंने अर्हम के अ, र , ह ,म  पर विशेष रुप से प्रकाश डाला और‌ ध्यान कराया ।
उन्होंने बताया कि  यह विश्व ध्यान दिवस  का 21 दिसंबर  आज प्रथम दिन है आज से ही यह दिवस अंतरराष्ट्रीय स्तर पर घोषित हुआ है आज गायत्री नगर महारानी फार्म वालों का सोभाग्य है।
आज के मुख्य अतिथि अजीत छाबड़ा परिवार द्वारा दीप प्रज्ज्वलन पाद् प्रक्षालन , शास्त्र भेंट कर पुन्यार्जन प्राप्त किया, मंदिर प्रबन्ध समिति की ओर से अनिल गदिया,  अनिल जैन महावीर जी वाले,  कान्ता जैन बास्को वाली, आनन्द जैन, एवं उदयभान जैन बड़जात्या ने समस्त छाबड़ा परिवार का सम्मान किया गया।
धर्म सभा का संचालन अरूण शाह ने किया।
मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष कैलाश छाबडा ने बताया कि मुनि श्री 10 दिसंबर से गायत्री नगर में प्रवासरत हैं  जहां अनेकों धार्मिक कार्यक्रम हुए हैं उनके सानिध्य व उनके निर्देशन में 11 दिसंबर से न्याय दीपिका अध्ययन शिविर  लगाया गया जो 22 दिसंबर तक चला उक्त शिविर में विभिन्न प्रांतो से शिविरार्थी उपस्थित हुए जिसमें स्थानीय जयपुर महानगर समाज के अनेकों महानुभावों ने ‌भी लाभ प्राप्त किया ।  इस शिविर में ‌मुनि श्री ने एक एक लाइन व शब्द सारगर्भित रूप से समझाते हुए अध्ययन कराया।‌धामनोद// दीपक प्रधान की रिपोर्ट

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।