नपा बालिका इण्टर कॉलेज में छात्राओं को बताये यातायात नियम
नियमों का पालन करना हम सभी की नैतिक जिम्मेवारी : आलोक तिवारी अनुज सिंह ठाकुर ब्यूरो रिपोर्ट ललितपुर

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ललितपुर। पुलिस अधीक्षक मो.मुश्ताक के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार एवं क्षेत्राधिकारी यातायात अजय कुमार के निकट पर्यवेक्षण में प्रभारी यातायात आलोक कुमार तिवारी द्वारा नगर पालिका बालिका इंटर कॉलेज रावरपुरा में छात्राओं एवं विद्यालय स्टाफ को यातायात के नियमों के बारे में जागरूक किया गया। टीएसआई आलोक कुमार तिवारी ने छात्राओं से बताया कि 18 वर्ष पूर्ण होने पर पहले लाइसेंस बनवाना फिर वाहन चलाना, सड़क पर स्टंट न करना,सेफ्टी बेल्ट का प्रयोग, हेलमेट लगाकर वाहन चलाना, ट्रिपलिंग न करना, डिजी लाकर ऐप में प्रपत्र रखना, दुर्घटना में घायल व्यक्ति की अविलंब मदद करना, हिट एंड रन के मामले में मिलने वाली आर्थिक मदद, आदि के बारे में विस्तार से जागरूक किया गया। इसके अतिरिक्त यातायात पुलिस द्वारा शहर के प्रमुख चौराहों पर यातायात जागरूकता अभियान चलाया गया। जरूरतमंदों को हेलमेट और नियमों से संबंधित पम्पलेट, स्टिकर वितरित किए गए और प्रवर्तन की कार्यवाही के अंतर्गत बिना हेलमेट वाहन चलाते हुए 226 वाहनों का, बिना सीट बेल्ट 16 वाहनों का, मोबाइल फोन का प्रयोग करते हुए 11 वाहन, बिना बीमा के वाहन चलाते हुए 31 वाहनों का, नो पार्किंग के 33, मोटरसाइकिल पर तीन सवारी बैठा कर चलने वाले 53 वाहनों का चालान करते हुए अन्य एम.वी. एक्ट की विभिन्न धाराओं में 27 वाहनों का चालान किया गया।

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।