पवई थाना क्षेत्र मे अवैध शराब का परिवहन करने वाले 03 आरोपियों को किया गया गिरफ्तार

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पवई।आरोपियों के कब्जे 01 अवैध 315 बोर का देशी कट्टा 01 जिंदा कार्तूस कीमती करीब 10 हजार रुपये, 171 लीटर अवैध अँग्रेजी एवं देशी शराब कीमती करीब 01 लाख 20 हजार रूपये ,परिवहन मे प्रयुक्त टी.य़ु.व्ही. कार कीमती करीब 08 लाख रुपये सहित 09 लाख 30 हजार रुपये का मशरूका किया गया जप्त।

पुलिस अधीक्षक पन्ना श्री साईं कृष्णा एस.थोटा द्वारा जिले के समस्त थाना एवं चौकी क्षेत्रो मे अवैध शराब का निर्माण ,परिवहन,भण्डारण एवं विक्रय करने वाले व्यक्तियो एवं अवैध शस्त्र रखने वाले व्यक्तियो पर कार्यवाही हेतु अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पन्ना श्रीमती वंदना चौहान एवं समस्त एसडीओपी पन्ना के मार्गदर्शन मे विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी तारतम्य मे थाना प्रभारी पवई द्वारा कार्यवाही हेतु मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया जिसके फलस्वरुप दिनांक 15-16/03/2025 की दरम्यानी रात्रि को थाना प्रभारी पवई निरी. त्रिवेन्द्र त्रिवेदी को मुखबिर द्वारा सूचना प्राप्त हुई कि एक सफेद रंग की टी.यु.व्ही गाड़ी मे कुछ व्यक्ति अवैध शराब भरकर कटनी तरफ से पवई की तरफ आ रहे है। थाना प्रभारी पवई के द्वारा वरिष्ठ अधिकारियो को मुखबिर सूचना से अवगत काराया गया जिस पर पुलिस अधीक्षक पन्ना के निर्देशन पर एस.डी.ओ.पी. पवई राजेन्द्र मोहन दुबे के मार्गदर्शन मे थाना प्रभारी पवई के नेतृत्व मे मुखबिर सूचना की तस्दीक कर कार्यवाही हेतु 01 पुलिस टीम गठित की गई एवं सहयोग हेतु सायबर सेल पन्ना निर्देशित किया गया। उक्त पुलिस टीम द्वारा तहसील कार्यालय के पास वाहन चैकिंग लगाकर वाहनो की लगातार वाहन चैकिंग की गई जो एक टीयुव्ही सफेद रंग की कार कटनी तरफ से आती दिखी जो कार का ड्राइवर पुलिस को देखकर कार को रोका और पीछे बैक करने लगा जिसे पुलिस टीम द्वारा कार को घेराबंदी कर रोककर उसमे बैठे व्यक्तियो के नाम पता पूछे एवं टी.यु.व्ही कार की तलाशी ली गई जिस पर कार मे 15 पेटी मे अंग्रजी गोवा शराब एवं 04 पेटी मे प्लेन देशी अवैध शराब रखी होना पाया गया। अवैध शऱाब के सम्बंध मे दस्तावेज की पूछताछ किये जाने पर आरोपियो द्वारा कोई भी दस्तोवेज पेश नही किये गये। उक्त व्यक्तियो की जामा तलाशी लेने पर आरोपी कार का ड्राइवर सुनील यादव अपनी कमर मे दाहिने तरफ एक 315 बोर का देशी कट्टा खोंसे हुये था। मामले मे आरोपियों के विरुध्द थाना पवई मे आयुध अधिनियम एवं आबकारी एक्ट का अपराध क्रमांक 117/25 पंजीबध्द किया जाकर उनके कब्जे 01 अवैध 315 बोर का देशी कट्टा 01 जिंदा कार्तूस कीमती 10 हजार रुपये, 171 लीटर अवैध अंग्रेजी एवं देशी शराब कीमती करीब 01 लाख 20 हजार रूपये ,परिवहन मे प्रयुक्त टी.य़ु.व्ही. कार MP19CB4805 कीमती करीब 08 लाख रुपये सहित 09 लाख 30 हजार रुपये का मशरूका जप्त किया गया एंव उक्त आरोपियो को माननीय न्यायालय पेश किया गया।
जिन आरोपियों में सुनील यादव पिता प्रताप सिंह यादव उम्र 30 वर्ष निवासी डोभा थाना कोतवाली पन्ना।
दीपक सिंह पिता नारायण सिंह उम्र 25 वर्ष निवासी इटवांकला चौकी बराछ थाना कोतवाली पन्ना।
माधव यादव पिता विजय यादव उम्र 24 वर्ष निवासी कृषि उपज मंडी के पीछे कटनी।
इस कार्यवाही में थाना प्रभारी पवई निरी. त्रिवेन्द्र त्रिवेदी, प्रभारी सायबर सेल उनि. अनिल सिंह राजपूत,सउनि रामसजीवन, प्र.आर. गणेश सिंह,अंजनी तिवारी,मनोज त्रिपाठी,आर. प्रेम,महेश,सुशील,राकेश,वरदानी एवं सायबर सेल टीम से प्र.आर. राहुल सिंह, आशीष अवस्थी,धर्मेन्द्र सिंह,आर. राहुल पाण्डेय,नितिन सिंह का सराहनीय योगदान रहा ।रिपोर्टर राम सिंह पवई

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।