
- विश्व स्तनपान सप्ताह का हुआ शुभारंभ
महेश जैन-मोहन बड़ोदिया। बच्चों को 6 माह तक केवल मां का दूध ही दिया जाता है। क्योंकि यह उनके लिए भोजन नहीं बल्कि उसके जीवन को सुदृढ़ बनाने और सारी उम्र के लिए फायदेमंद होता है। इसलिए बच्चे को जन्म के एक घंटे के अंदर मां का दूध पिलाना बहुत जरूरी होता है।
यह बात डाॅ. डीके रूहेला ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहन बड़ोदिया में विश्व स्तनपान सप्ताह के शुभारंभ अवसर पर कही। उन्होंने कहा कि जन्म के बाद निकलने वाला मां का पहला पीला गाढ़ा दूध, जिसे कोलोस्ट्रम कहा जाता है यह बच्चे के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। इसमें ऐसे पोषक तत्व और प्रतिरक्षात्मक घटक होते हैं जो नवजात शिशु को संक्रमण से बचाने में मदद करते हैं। इसलिए बच्चे के जन्म के एक घंटे के भीतर स्तनपान शुरू करना बहुत महत्वपूर्ण है। बीएमओ डाॅ. आरसी चक्रवर्ती ने कहा कि छह माह तक बच्चे को केवल मां का दूध देना चाहिए। इस दौरान पानी, शहद, घुट्टी या अन्य खाद्य पदार्थ देने की आवश्यकता नहीं होती। छह माह के बाद स्तनपान जारी रखते हुए बच्चे को उम्र के अनुरूप पूरक आहार भी देना चाहिए। कार्यक्रम को बीईई मोहनलाल नागर ने भी संबोधित करते हुए महिलाओं को जरूरी जानकारियां दी। इस अवसर पर अस्पताल के अधिकारी, कर्मचारी नर्स पुष्पा, श्वेता सहित गर्भवती व धात्री महिलाएं उपस्थित थी।
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