बीना ,सागर एसपी ने जारी की तबादलों की सूचीः बीना और खुरई थानों में पदस्थ प्रधान आरक्षक और आरक्षकों के बदले गए स्थान

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बीना /सागर पुलिस अधीक्षक विकास कुमार सहवाल ने गुरुवार रात एक सूची जारी कर बीना और खुरई तहसील के थानों में पदस्थ कई प्रधान आरक्षकों और आरक्षकों के तबादले किए हैं।
कौन-कौन से तबादले हुए
भगवानदास शिवहरेः खुरई देहात थाने के प्रधान आरक्षक भगवानदास शिवहरे को आगासौद थाने में स्थानांतरित किया गया।

सुरेंद्र सिंहः खुरई देहात थाने के प्रधान आरक्षक सुरेंद्र सिंह का तबादला बीना थाने में किया गया।

सतीश शर्माः बीना थाने के आरक्षक सतीश शर्मा को आगासौद थाने में स्थानांतरित किया गया।

अर्पित मिश्राः शाहगढ़ थाने के आरक्षक अर्पित मिश्रा का तबादला भानगढ़ थाने में किया गया।

देवेंद्र यादवः बीना थाने के आरक्षक देवेंद्र यादव को जिला पुलिस बल, दमोह में भेजा गया।

• जाहर यादवः भानगढ़ थाने के आरक्षक जाहर यादव का भी तबादला जिला पुलिस बल, दमोह में किया गया।

एसपी का बयान

पुलिस अधीक्षक विकास कुमार सहवाल ने कहा कि यह तबादले प्रशासनिक दृष्टिकोण से किए गए हैं ताकि पुलिस बल की कार्यक्षमता और क्षेत्रीय संतुलन सुनिश्चित किया जा सके।

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।