मधुसूदनगढ़ में अवैध अतिक्रमण पर चला शासन का बुलडोजर चाचौड़ा संवाददाता चंद्र मोहन नामदेव

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चाचौड़ा- विधानसभा के मधुसूदन गढ मैं अवैध अतिक्रमण पर शासन ने की कार्रवाई।नगर में जगह-जगह हो रहे अवैध अतिक्रमण को लेकर शासन ने शुक्रवार को कार्रवाई की नगरवासी के द्वारा कुछ समय से अवैध अतिक्रमण की शिकायत कि जा रही थी इससे पहले एक दिन पहले सभी दुकानदारों को नोटिस जारी किया गया था कि वह अपनी दुकानो के सामने सेअवैध अतिक्रमण हटा ले पर किसी ने भी इस पर ध्यान नहीं दिया इस को लेकर कलेक्टर डॉ. सतेन्‍द्र सिंह के निर्देशानुसार 22/11/24को कलेक्टर महोदय डॉ. सतेन्द्र सिंह एवं अनुविभागीय अधिकारी राघौगढ़ श्री विकास आनंद के नेतृत्व में तहसील मधुसूदनगढ़ के भोपाल रोड पर हो रहे अस्थाई अतिक्रमण टीनशेड, फुटपाथ, हाथ ठेला, गुमठी, चबूतरा आदि को हटाये जाने की कार्यवाही की गई।

आज की गयी उक्‍त कार्यवाही के दौरान नगर पालिका अमले द्वारा मेन चोराहे से भोपाल रोड के दोनों तरफ का अतिक्रमण हटाकर नाला एवं नालियों को मुक्त कराया गया। सीसी रोड की चौडा़ई लगभग 20 फुट थी, जिसे अतिक्रमण हटाने के उपरांत बढ़कर लगभग 60 से 80 फुट हो गई है। अतिक्रमण हटाये जाने में नगर के दुकानदारों, नागरिकों द्वारा भी सहयोग किया गया।

इस दौरान अनुविभागीय अधिकारी राघौगढ श्री विकास कुमार आनंद, तहसीलदार श्री धीरेन्द्र गुप्ता, नायब तहसीलदार श्री सतेन्द्र सिंह गुर्जर, राजस्व दल आरआई, पटवारी कोटवार, श्री संदीप यादव थाना प्रभारी मधुसूदनगढ, पुलिस बल उपस्थित रहे।

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।