महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव मे काम आयी सांसद लता वानखेड़े की मेहनत

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

सागर संसदीय क्षेत्र की सांसद डॉ. लता वानखेड़े कई दिनों से महाराष्ट्र विधानसभा के चुनाव प्रचार में पार्टी के साथियों के साथ बहुत मेहनत से लगी हुई थी उनकी मेहनत का असर भी दिख रहा है महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के गत दिवस जो परिणाम आये है जिसमे भारतीय जनता पार्टी को सफलता मिली है उससे उनका क़द  और बढ़ गया है
सांसद लता वानखेड़े  ने महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव मे सावेर विधानसभा, संद खेड़ा, बांगला जामनेर, साहद देहली नागर, अहिल्या नागर, राहुरी आदि क्षेत्रों मे भारतीय जनता पार्टी के लिए काम किया महाराष्ट्र चुनाव की सफलता मे अहम रोल अदा किया  लता वानखेड़े  सांसद की इस बढ़ती लोक प्रियता से उनके चाहने  वालो मे बड़ी ख़ुशी है सांसद लता वानखेड़े के समर्थक  बहुत खुश है उनका बढ़ता क़द देख कर लोकसभा चुनाव की जीत के बाद सागर संसादीय क्षेत्र की सांसद लता वानखेड़े का क़द दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है  क्षेत्र के समर्थको मे बड़ी ख़ुशी है उनके समर्थक दीपक खोड़के, राम मोहन पाराशर, बबलू रघुवंशी, नईम गोरी, इमरान, रानी साहू, जयप्रकाश जी शर्मा,चरण सिंह राजपूत, खिलावान सिंह राजपूत, शैलेन्द्र जैन, सरदार कुशवाह, सुरेश सोनी आदि कार्यकर्ता समर्थक ख़ुश है एक दूसरे को जनता जनार्दन को खूब मिठाईया खिला कर खुशियाँ मना रहे है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Ad
What is the capital city of France?

Hi

*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।