महा श्रम दान अभियान के तहत कौशल किशोर वार्ड स्थित शांति वन में श्रम दान 25 फिट की भगवान शिव की प्रतिमा जन सहयोग से की जाएगी स्थापित

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देवरी कला – महा श्रम दान अभियान के तहत कौशल किशोर वार्ड स्थित शांति वन में आज श्रम दान किया गया लगभग 100 व्यक्तियों ने महा श्रम दान अभियान में भाग लिया
महा श्रम दान अभियान के उपरांत एक बैठक की गई जिसमें कौशल किशोर शांति वन में 25 फिट की भगवान शिव की प्रतिमा स्थापित करने की बात कही गई और सभी ने भगवान शिव की प्रतिमा स्थापित करने की बात की सराहना की नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि अलकेश जैन ने भगवान शिव की प्रतिमा स्थापित हेतु कहा कि प्रतिमा स्थापना में सहयोग हेतु 11 रुपए से स्वेच्छा अनुसार दान देने की बात कही
महा श्रम दान अभियान में एड.मिथलेश ब्रह्मपुरिया, एड.कमलेश मिश्रा, पत्रकार प्रवीण पाठक, सतीष सेन,सत्यनारायण ढ़िमोले, चंद्र शेखर दुबे, गोविंद बड़ेरिया,भागीरथ पटेल, ओंकार विश्वकर्मा,रमित जारोलिया, शरद सोनी, पंकज तिवारी, नर्मदा कोष्टी, जीवन कोष्टी, संजय गुप्ता, बब्बा बोहरे, श्याम सेन, कलू चौरसिया, संजीव नामदेव (सन्नू पंडा), अमितेंद्र मिश्रा, सुभाष ताम्रकार, गनपत चौरसिया, मुकेश नगरिया, मनोज नामदेव (शंभू), ज्ञानी कोष्टी, मुन्ना लखेरा, संजू सोनी (पेंटर), सुभाष ताम्रकार, संजू प्रजापति, मनोज शुक्ला, शलकू स्वामी, अंकुर नाम देव, शालू लखेरा, दुली चंद कोष्टी, सुमित ठाकुर, सोनू कोष्टी, काली चरण विश्वकर्मा, हेमंत चौरसिया, गणेश प्रजापति, मोहित पाटकर, रोहित चौरसिया, निरंजन रजक, हरिओम विश्वकर्मा, संतोष प्रजापति, नंदू सोनी, अमित रजक, जानी चौरसिया सहित अन्य लोग मौजूद रहे

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।