राखपंचमपुर माइनर को अविलम्ब चालू करने की मांग आधा दर्जन से अधिक गांवों के किसान पहुंचे मुख्यालय अनुज सिंह ठाकुर ब्यूरो रिपोर्ट ललितपुर

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ललितपुर। जाखलौन पम्प कैनाल से निकली राखपंचमपुर माइनर को तत्काल खुलवाये जाने की मांग को लेकर किसानों ने सोमवार को एक ज्ञापन जिलाधिकारी व सिंचाई निर्माण खण्ड को भेजा है। ज्ञापन में ग्राम दैलवारा, जैरवारा, अंधियारी, बूचा, बख्तर, करगन व खुरा ब्लाक जखौरा के किसानों ने बताया कि अपने खेतों में खेतीवाड़ी करने के लिए राख पंचमपुर माईनर से अपनी सिंचाई, ऐरावनी कर अपने अपने खेतों में फसल बोते है। किन्तु इस बार उक्त जाखलौन पम्प से निकली राख पंचमपुर माईनर की अभी तक चालू नहीं किया गया है, जिस कारण किसानों के खेतों में ऐरावनी, फसल बुबाई नहीं कर पा रहे है। बताया कि किसानों के खेत अभी खाली पड़े हुये है चूंकि किसानों पास आय का साधन मात्र खेती है। इसके अलावा अन्य कोई साधन नहीं है यदि उक्त जाखलौन पम्प कैनाल से निकली राखपंचगपुर माईनर को अविलंब चालू नहीं कराया जाता है तो यहां के किसान अपने-अपने खेतो में फसल बोने से वंचित हो जायेंगे, जिससे किसानों के परिवार भुखमरी की कगार पर पहुंच जायेंगे। इसलिए अविलंब उक्त माईनर को चालू करवाये जाने की आवश्यक पर बल दिया। ज्ञापन देते समय ब्लाक जखौरा के ग्राम दैलवारा, जैरवारा, अंधियारी, बूचा, बख्तर, करगन, खुरा के भरत सिंह, पर्वतलाल कुशवाहा, राकेश शर्मा, मंगलसिंह यादव, बिहारीलाल अहिरवार, भुवन के अलावा अनेकों किसान मौजूद रहे।

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।