ललितपुर।श्रीशक्तिपीठ बंगलामुखी पीताम्बरा माता मन्दिर नेहरू नगर में बह रही धर्म की गंगा

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

ललितपुर। मोहल्ला नेहरू नगर में स्थित श्रीश्री 1008 श्री शक्तिपीठ बंगलामुखी पीताम्बरा माता मन्दिर नेहरू नगर के पावन स्थान पर सप्त दिवसीय संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा का सुरेन्द्र कुमार के सहयोग से हो रही है। सप्त दिवसीय संगीमय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह कार्यक्रम में सर्व प्रथम शास्त्री आकाश गोस्वामी ने लक्ष्मी नारायण भगवान का एवं सभी देवी देवताओं का बड़े ही विधी विधान व मन्त्रोंच्चार से पूजन कराया। साथ में आचार्य पं.राजकुमार गोस्वामी उपस्थित रहे। श्रीमद् भागवत पुराण की भव्य गाजे बाजे के साथ आरती की गई। इसके बाद ब्लाक मड़ावरा के ग्राम कारीटोरन से पधारे कथा वाचक पं.मोहित तिवारी ने मंगलवार को अपनी मधुर वाणी से तृतीय दिवस की कथा में कहा कि भगवान को प्रेम ही अधिक प्रिय है और जिसके अन्दर प्रेम का भाव हो वही परमात्मा को प्राप्त कर सकता है। शिवजी के विवाह एवं बलि से तीन पग पृथ्वी मांगकर उन पर कृपा करना बताया। संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के पारीक्षत नीरज कुमार पत्नि आरती बनी हुई है। बाबा साब सुरेन्द्र कुमार ने सभी धर्म प्रेमी श्रद्धालुओं से अनुरोध किया कि दिन बुधवार को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के कार्यक्रम में सभी श्रद्धालु अधिक से अधिक संख्या में श्रीश्री 1008 श्री शक्तिपीठ बगलामुखी पीताम्बरा माता मन्दिर के पावन स्थान पर आकर संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा का रसपान करे और श्री कृष्ण जन्मोत्सव कार्यक्रम में सम्मिलित होकर धर्म लाभ ले। मंच संचालक देवेन्द्र राय ने बताया कि बुधवार को संगीमय श्रीमद् भागवत कथा में विशेष कार्यक्रम श्रीकृष्ण जन्मोत्सव बड़े ही धूमधाम व गाजे बाजे के साथ मनाया जायेगा। शुक्रवार को विशेष कार्यक्रम रूक्मणी विवाह भी बड़े ही धूमधाम व गाजे बाजे के साथ सम्पन्न होगा। कथा में संगीतकार आरगन पर राजू सिंह राजपूत उर्फ नादान, ढोलक पर अर्जुन सिंह, पैड पर हरपाल सिंह संगत देते हुये श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर रहे है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Ad
What is the capital city of France?

Hi

*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।