ललितपुर/कोई भी परिवार सरकारी योजनाओं से नहीं रहेगा वंचित, ग्रामीण परिवारों का होगा जीरो पॉवरटी सर्वे : डीएम

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ललितपुर/ डीएम ने ग्राम धौजरी में घर-घर भ्रमण कर योजनाओं के आच्छादन की जानी हकीकत, चौपाल में अधिकारियों को दिये निर्देश
वृद्धा फूला सहरिया के घर पहुंचे डीएम, मौके पर दिलाया खाद्यान, गैस चूल्हा और सिलेण्डर
जल्द ही आवास, पेंशन, शौचालय, जॉबकार्ड, बच्चों को स्कूल में दाखिला और स्पॉन्सर योजना सहित विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने का किया वादा
ललितपुर। सरकार की महत्वाकांक्षी व जनकल्याणकारी योजनाओं के धरातल स्तर पर सत्यापन हेतु जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने जिले के तहसील ललितपुर अंतर्गत ग्राम धौजरी में चौपाल लगायी और ग्राम में भ्रमण कर ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान जिलाधिकारी ने ग्राम में भ्रमण कर घर-घर जाकर प्रत्येक परिवार से सरकारी योजनाओं के आच्छादन की हकीकत जानी और नये लाभार्थियों का चयन कर उन्हें लाभ दिलाये जाने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि कोई भी परिवार इन योजनाओं से वंचित नहीं रहना चाहिए, इस हेतु प्रत्येक ग्राम में निवासरत परिवारों का जीरो पॉवरटी सर्वे कराया जाए। जिलाधिकारी ने स्थलीय सत्यापन के दौरान पाया गया कि ग्राम में कुल 125 परिवार निवास कर रहे हैं, जिनमें 651 सदस्य हैं। गांव में 125 बच्चे विद्यालय जाते हैं। गांव में मुख्यमंत्री आवास योजना अंतर्गत 65 परिवार लाभान्तिव हो रहे हैं। वृद्धावस्था पेंशन से 16, विधवा पेंशन से 11 तथा कन्या सुमंगला योजना से 19 लाभार्थियों को लाभ मिल रहा है। इसी प्रकार 25 परिवारों को किसान सम्मान निधि मिल रहा है तथा 103 परिवारों के राशन कार्ड बने हैं। मनरेगा योजनान्तर्गत 73 परिवारों के जॉबकार्ड बने हैं, वहीं 37 परिवारों श्रम विभाग पंजीकृत है। गांव में 58 परिवारों के आयुष्मान कार्ड बने हैं तथा 01 लाभार्थी को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजनान्तर्गत लाभान्वित किया जा रहा है। गांव में 03 परिवार स्वयं सहायता समूह से जुड़े हैं तथा 122 परिवारों को जल जीवन मिशन के अंतर्गत कनेक्शन दिये गए हैं, 109 परिवारों के शौचालय बने हैं तथा गांव में 108 घरों में बिजली के कनेक्शन हैं। मौके पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि गांवों में कैम्प लगाकर नये लाभार्थियों का चयन किया जाए और अपात्रों को योजनाओं से बाहर किया जाए। इस दौरान जिलाधिकारी ग्राम की वृद्ध महिला फूला सहरिया के घर पहुंचे। उन्होंने मौके पर वृद्ध महिला का मोबाइल नम्बर आधारकार्ड से लिंक कराते हुए खाद्यान्न उपलब्ध कराया तथा उज्ज्वला योजनान्तर्गत गैस चूल्हा व सिलेण्डर प्रदान किया तथा वृद्ध महिला फूला सहरिया को आश्वासन दिया कि जल्द ही उसे आवास योजना व पेंशन योजना का लाभ दिलाया जाएगा और बच्चों को स्कूल में एडमिशन दिलाकर स्पॉन्सर योजना का लाभ दिलाया जाएगा। चौपाल में नन्ही सहरिया, शान्तिबाई ने पिछले पांच वर्षों से विधवा पेंशन एवं कुंजी सहरिया व अनन्तराम ने शौचालय बनवाने की मांग उठायी, इस पर जिलाधिकारी ने जिला समाज कल्याण अधिकारी एवं ग्राम विकास अधिकारी को समस्या के निस्तारण हेतु आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये। ग्रामीण महिला कामिनी देवी ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि कुछ समय पहले उसके पुत्र व पुत्रवधु की मृत्यु हो जाने के कारण पोते व पोती का भरण-पोषण वह स्वयं करती है, उसके पास थोडी सी खेती है, इसके अलावा आय को कोई दूसरा साधन नहीं है, उसने अपने पोते व पोती की पढ़ाई हेतु जिला प्रशासन से मदद मांगी, जिस पर जिलाधिकारी ने बच्चों को स्पॉन्सर योजना का लाभ दिलाने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया। इस दौरान सीडीओ के.के.पाण्डेय, सीएमओ डा.इम्तियाज अहमद, एसडीएम सदर चन्द्रभूषण प्रताप, बीडीओ बिरधा, डीसी मनरेगा, डीपीआरओ सहित अन्य अधिकारी एवं ग्राम प्रधान उपस्थित रहे।
अनुज सिंह ठाकुर ब्यूरो रिपोर्ट  ललितपुर

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।