ललितपुर ।पूर्व विधायक के खिलाफ विभिन्न संगठन हुये लामबंद मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर सख्त कार्यवाही की मांग

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

ललितपुर। बसपा के पूर्व विधायक फेरनलाल अहिरवार द्वारा हिन्दु देवी देवता पर की गई अभद्र टिप्पणी को लेकर युवा ब्राह्मण महामंडल, बस आपरेटर एसोसिएशन एवं श्रीनामदेव समाज मंदिर समिति ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा है। जिसमें उन्होंने बताया कि संविधान निर्माता डा.भीमराव अम्बेडकर भारतीय जनमानस के लिए आदर्श हैं, किन्तु बसपा के पूर्व विधायक फेरनलाल अहिरवार ने जो हिंदू देवी-देवताओं पर जो अमर्यादित टिप्पणी की है, उससे हिंदुओं की भावनाएं आहत हुई हैं। उनका यह बयान उनकी कुंठित मानसिकता को दर्शाता है। हिंदूवादी संगठनों ने मुख्यमंत्री से पूर्व विधायक की जल्द से जल्द गिरफ्तारी करके कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इस दौरान युवा ब्राह्मण महामंडल अध्यक्ष राजेश दुबे, महामंत्री अवधेश कौशिक, पार्षद मनमोहन चौबे, शत्रुघ्न शुक्ला, नेहा तिवारी, अनुज कांत दीक्षित, शुभम् देवलिया, आशीष गोस्वामी, डा शरद तिवारी, रीतेश बबेले, अभिषेक नायक, राघव शर्मा, सानू पाठक उपमन्यु, अखिलेश, बृजमोहन रावत, कुलदीप द्विवेदी आदित्य दुबे, दीपक गोस्वामी राधे, चंद्रपाल सिंह, जय किशन, मनोहर लाल, रामसेवक, अशोक कुमार, केशव, आशीष कुमार, दीपक, महेंद्र कुमार, प्रवीण तिवारी, दीपक पाराशर, अशोक सिंघई सहित अनेक हिन्दू वादी संगठनों के कार्यकर्ता मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Ad
What is the capital city of France?

Hi

*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।