ललितपुर ।शराब पीकर महिलाओं से अभद्रता कर रहे लोग
महिलाओं ने लामबंद होकर किया रोड जाम

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ललितपुर ।शराब की दुकान अन्यत्र स्थानान्तरित करने की उठायी मांग
सीओ सदर ने मौके पर पहुंच कर दिया ठोस कार्यवाही का आश्वासनजिले के ग्राम सिंदवाहा, पटउवा और छिल्ला में देशी शराब की दुकानों को बंद कराने की पुरजोर मांग करते हुये विगत दिनों से महिलाओं ने मुख्यालय पहुंच कर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपे हैं। वहीं दूसरी ओर शनिवार को शराबियों के आतंक से आजिज आकर महिलाओं ने ललितपुर-झांसी मार्ग गल्ला मण्डी के पास जाम लगा दिया। आरोप है कि शराब पीकर लोग महिलाओं से अभद्रता करते हुये आतंक व उपद्रव करते हैं, जिससे शाम होते ही शराबियों का आतंक काफी बढ़ जाता है। शराब की दुकान मोहल्ले के नजदीक होने के कारण यहां के लोग शराब पीकर अपना जीवन बर्बाद तो कर ही रहे हैं, तो वहीं दूसरी ओर घरेलू महिलाओं को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। महिलाओं ने प्रदर्शन करते हुये शराब की दुकान को स्थानान्तरित करने की मांग उठायी। जाम लगाने की सूचना पर पहुंचे सीओ सदर अभय नारायण राय व शहर कोतवाल रमेश कुमार मिश्रा, निरीक्षक जर्नादन यादव व निरीक्षक सुरेश कुमार त्रिपाठी, महिला थानाध्यक्ष ने महिलाओं को समझाया और ठोस कार्यवाही का आश्वासन दिया। रामनगर मोहल्ले की महिलाओं ने डीएम के नाम मौके पर ही एक प्रार्थना पत्र सीओ सिटी अभय नारायण राय को सौंपा। पत्र में महिलाओं ने बताया कि शराब का सेवन करने के बाद लोगों द्वारा महिलाओं से अभद्रता की जाती है और विरोध करने पर महिलाओं से मारपीट की जा रही है। उन्होंने शराब की दुकान को बंद कराये जाने और स्थानान्तरित कराये जाने की मांग उठायी है। पत्र देते समय रामनगर की महिलाओं में शीला, ऊषा, बैजन्ती, आशा, शिवकुमारी, जगदीश प्रसाद, विनीता, सुजाता, धर्मेंद्र कुमार एड. के अलावा अनेकों लोग मौजूद रहे।

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Hi

*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।