ललितपुर । कार्यालय  जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ललितपुर।
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ललितपुर।माननीय श्री नरेन्द्र कुमार झा जनपद न्यायाधीश/ अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण,  के निर्देशानुसार श्री यशवन्त कुमार सरोज, अपर जिला जज/ सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जिला कारागार, ललितपुर, में दिनांक 25.03.2025 को जिला कारागार ललितपुर में जेल विजिट की गयी।
श्री यशवन्त कुमार सरोज, अपर जिला जज/ सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, ललितपुर के द्वारा  जिला कारागार, ललितपुर की विजिट जिला कारागार में पुरूष बैरक, महिला बैरक, भोजन शाला, अस्पताल का निरीक्षण किया। जेल में निरूद्ध बन्दियों से वार्तालाप किया गया तथा उनसे किसी भी प्रकार की समस्या तथा जेल प्रशासन से संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत के बारे में पूंछा गया तो बन्दियों ने अवगत कराया जेल अधिकारी व कर्मचारियों द्वारा अच्छा बर्ताव किया जाता है एवं किसी प्रकार की समस्या से अवगत नहीं कराया गया। बन्दियों से निशुल्क अधिवक्ता हेतु अवगत कराया गया तथा बन्दियों को बताया गया कि यदि उन्हें निशुल्क अधिवक्ता की आवश्यकता हो तो वह कारागार प्रशासन के माध्यम से अपना प्रार्थना पत्र भेज सकते है। भोजनशाला में साफ- सफाई की व्यवस्था सामान्य पायी गयी ।
जिला कारागार की विजिट के दौरान श्री मुकेश कुमार अधीक्षक, जिला कारागार ललितपुर, श्री जीवन सिंह कारापाल, श्री विजय द्विवेदी चिकित्साधिकारी, श्री जयनारायण भारती, प्रभारी कारापाल एवं न्यायालय की ओर से श्री रोहित राठौर ,श्री विकास कुशवाहा  उपस्थित रहे।
दिनांकः25.03.2025          

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।