लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई: रिश्वत लेते हुए केमिस्ट एसोसिएशन अध्यक्ष रंगे हाथ गिरफ्तार

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मंदसौर जिले में आज लोकायुक्त की टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की। महानिदेशक लोकायुक्त श्री जयदीप प्रसाद के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त श्री अनिल विश्वकर्मा के आदेशानुसार, डीएसपी राजेश पाठक एवं सुनील तालान के नेतृत्व में लोकायुक्त की टीम ने रिश्वतखोरी के मामले में दो आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया।

घटना का विवरण
आज दिनांक 22 नवंबर 2024 को आवेदक लखन पाटीदार (पिता श्री कृष्ण कुमार पाटीदार, निवासी वार्ड क्रमांक 03, कदम वाली कुई, मल्हारगढ़ मार्ग, नारायणगढ़ हरसोल, जिला मंदसौर) की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई। शिकायत के अनुसार, ड्रग इंस्पेक्टर जयप्रकाश कुम्हार ने मेडिकल स्टोर के लाइसेंस के लिए ₹26,000 की रिश्वत मांगी थी। यह राशि केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष चौधरी को देने के लिए कहा गया था।

जैसे ही मनीष चौधरी ने रिश्वत की राशि ली, लोकायुक्त की टीम ने उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया।

आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज
इस कार्रवाई के बाद ड्रग इंस्पेक्टर जयप्रकाश कुम्हार और केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष चौधरी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन 2018) की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

कार्रवाई में शामिल टीम
इस ऑपरेशन में लोकायुक्त की 10 सदस्यीय टीम ने हिस्सा लिया, जिसमें हितेश लालावत, इसरार, श्याम शर्मा, अनिल अटोलिया, उमेश जाटव, और संदीप कदम प्रमुख रूप से शामिल थे।

आगे की कार्रवाई जारी
लोकायुक्त की टीम ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।