शाजापुर/प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती इसी कहावत को चरितार्थ किया है जयति राठौर ने

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शाजापुर /कम उम्र में किताब लिखकर लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करवा कालापीपल ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाएं भी अब कहीं ना कहीं शहरों में जा कर शहरी विद्यालय में अपनी पढ़ाई करके अपने गांव का नाम रोशन करने में लगी हुई है।कहते हैं प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती इसी कहावत को चरितार्थ किया है। पोलायकला क्षेत्र के अंतर्गत आनेवाले ग्राम पोलाय खुर्द जिला शाजापुर की बेटी जयति राठौर पिता डॉ गोपाल राठौर ने 12 वर्ष की उम्र में ही किताब लिखकर लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करवा कर अपने गांव के साथ-साथ माता-पिता का भी नाम रोशन किया है डॉ गोपाल राठौर ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मध्य प्रदेश शासन के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान वर्तमान मुख्यमंत्री मोहन यादव प्रभारी मंत्री इंदरसिंह परमार के द्वारा बेटी पढ़ाओ का स्लोगन के अब धरातल पर सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे है। कहीं ना कहीं शिक्षा से लेकर हर क्षेत्र में बेटियों के द्वारा अच्छा प्रदर्शन करके गांव के साथ-साथ प्रदेश का भी नाम रोशन करने में लगी हुई यह सब मध्य प्रदेश शासन के द्वारा चलाई जा रही बेटियों के प्रति सकारात्मक योजनाओं का ही परिणाम है।


पिता के साथ बेटी ने भी किया अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गांव का नाम रोशन

पिता भी अंतरराष्ट्रीय स्तर अवार्ड जीतकर जैविक खेती के विषय में एक सकारात्मक संदेश देने की कोशिश की है। 20 देशों के सदस्यों के द्वारा शेर ए कश्मीर एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के कार्यक्रम में दो अंतरराष्ट्रीय अवार्ड मिल चुके हैं। डॉ गोपाल राठौर कहते हैं प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती है वह अपना रास्ता स्वयं चुन लेती है मेरी बेटी ने इतनी कम उम्र में कम समय में किताब लिखकर लन्दन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करवाया है यहाँ निश्चित ही मेरे गांव के लिए गर्व की बात है उसने अपने गांव का नाम रोशन किया है। यह सब ग्रामीण क्षेत्र में मिले संस्कारों का ही परिणाम है। जो की इंटरनेशनल डेली राइसिंग स्कूल जम्मू में कक्षा 8 में पढ़ाई कर रही है।  राठौर भी अब तक ४ किताबे और ३० से ज्यादा रिसर्च पेपर लिख चुके हे और राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय अवॉर्ड प्राप्त कर चुके है।टुडे एमपी एक्सप्रेस……… दिलीप महेश्वर कालापीपल

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।