सीएमआईएस पोर्टल पर प्रगति सुधारें अधिकारी  डीएम विभागीय प्रोजेक्ट्स को ससमय पूर्ण कर प्रगति अपलोड कराने के निर्देश
कार्यदायी संस्थाओं को त्वरित गति से विकास कार्य कराने के निर्देश

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ललितपुर। जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी की अध्यक्षता में सीएमआईएस पोर्टल पर विभागवार प्रगति की समीक्षा बैठक कलैक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने पोर्टल पर विभागवार फीड की गई प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिये कि अपने विभागीय प्रोजेक्ट समय से पूर्ण कराकर पोर्टल पर नियमित रुप से प्रगति अपलोड करते रहें, मुख्यमंत्री स्वयं इसकी निगरानी करते हैं, इस हेतु पूरी गंभीरता के साथ कार्य करें, इसमें लारवारही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि जनपद के मानचित्र पर वन विभाग की भूमि चिन्हित कर सभी कार्यदायी संस्थाओं को मानचित्र उपलब्ध करा दें, साथ ही अनावश्यक कोई भी विकास कार्य न रोकें। ऊर्जा विभाग की समीक्षा में पाया गया कि विगत एक माह से कोई प्रगति अपलोड नहीं की गई है, इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए प्राजेक्ट्स की अद्यतन रिपोर्ट अपलोड कराने के निर्देश दिये गए।कार्यदायी संस्था यूपीपीसीएल द्वारा जिला कारागार में आवासों के निर्माण की अद्यतन रिपोर्ट व हैण्डऑवर की कार्यवाही हेतु फाइल चलाने क निर्देश दिये गए। जल निगम शहरी की समीक्षा में बताया गया कि वर्तमान में 3 टंकियों का निर्माण कराया जा रहा है, जिनसें 23000 कनेक्शन किये जायेंगे। इसी प्रकार जल निगम ग्रामीण की समीक्षा में बताया गया कि ग्रामीण पेयजल योजनाओं में पेयजल आपूर्ति वाले ग्रामों की सूचना अपलोड करायी जाये। कार्यदायी संस्था यूपीआरएनएसएस द्वारा बताया गया कि कुचदों और खिरियामिश्र की इनवेंट्री प्रेषित की जा चुकी है, साथ ही टोरिया व गढ़ौलीकलां के सम्बंध में अगले सप्ताह तक लोक निर्माण विभाग से रिपोर्ट प्राप्त हो जाएगी। कार्यदायी संस्था आरईएस द्वारा बताया गया कि कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय के लिए दैलवारा में भूमि मिल गई है। लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा में बताया गया कि जो कार्य वर्तमान में चल रहे हैं, उनकी प्रगति पोर्टल पर फीड करायी गई है। सिंचाई एवं जल संसाधन की समीक्षा में बताया गया कि भौरंटबांध परियोजना का अप्रूवल कैबिनेट में हो गया है, जिस पर मीडिया में इसका प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिये गए। बैठक में सीडीओ कमलाकांत पाण्डेय, सीएमओ डा.इम्तियाज अहमद, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी राजेश सिंह, सीवीओ डा.देवेन्द्र पाल सिंह, ईओ जल निगम ग्रामीण अवनीश सिंह, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग, जिला सूचना अधिकारी डीएस दयाल सहित अन्य कार्यदायी संस्थाओं के अधिशासी अभियंता उपस्थित रहे।
*अनुज सिंह ठाकुर ब्यूरो रिपोर्ट ललितपुर*

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।