हितग्राहियों को मिलेगा स्वनिधी से स्वाभिमान योजना का लाभ

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सुरखी।शासन के निर्देशनुस्पर नगर परिषद सुरखी दारा प्रधानमंत्री स्वनिधी योजना अंतर्गत पथ विक्रेताओं को लाभ दिया जा रहा है। नगर परिषद सुरखी द्वारा दिनाक 18  नबंवर से 2 दिसंबर 24 तक स्वनिधि भी स्वाभिमान  पखवाड़ा का आयोजन किया जा रहा है। नगर परिषद सुरखी योजना प्रभारी शुभांगी ताम्रकार ने बताया है कि प्रधानमंत्री स्वनिधी योजना अंतर्गत पथ विक्रेताओं को प्रथम चरण, द्वितीय चरण एवं तृतीय चरण का लाभ दिया जाना है। उक्त पथवार के प्रथम चरण के 32 प्रकरण दितीय चरण के 8  तृतीय चरण के 12 प्रकरणों का व्यय पथ विकृताभी को दिलवाने आदेश शासन द्वारा प्राप्त हुये है। नगरीय क्षेत्र  मैं भी डिजीटल अभियान के तहत ४२ पथ विक्रेता अभी तक डिजीटल अभ्यान से लाभ ले चुके हैं तथा विक्रेताओं को वर्तमान में पुन अपडेट कर अधिक पथ विक्रेताओं को पथ  योजना का सतत्   लाभ  दिलाने हेतु नगर परिषद  द्वारा बड़े   स्तर पर कार्य किया जा रहा है। नगर परिषद  सीएमओ केपीएस बघेल ने मीडिया से चर्चा करते हुए बतलाया है की शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति में बैठे हुए व्यक्ति तक दिलवाने की  की मंशा है जिसका अनुपालन नगर परिषद द्वारा किया जा रहा है उन्होंने मीडिया के माध्यम से सभी पात्र हितग्राहियों के लिए आग्रह किया है कि ज्यादा से ज्यादा लोग योजनाओं का लाभ उठाएं और अधिक जानकारी के लिए नगर परिषद सुर्खी से संपर्क स्थापित करें

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।