28 किलो अवैध गांजा के साथ दो तस्कर गिरफ्तार महरौनी पुलिस को गश्त के दौरान मिली महत्वपूर्ण सफलता

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ललितपुर। महरौनी के इन्दिरा चौराहा पर गश्त कर रही पुलिस टीम को मुखबिर की सूचना पर गांजा तस्कर गिरोह के दो शातिर बदमाशों को पकडऩे में सफलता मिली है। बताया गया है कि उप निरीक्षक मनोज कुमार अपने साथ उप निरीक्षक निखिल मलिक व कां.सूरज कुमार और अतुल कुमार के साथ गश्त कर रहे थे। तभी मुखबिर से मिली सूचना पर उन्होंने तत्काल सीओ महरौनी को अवगत कराते हुये टीकमगढ़ रोड बाईपास पहुंचे, जहां कुछ समय पश्चात चार पहिया वाहन आता दिखायी दिया। जिसे पुलिस ने रोक लिया और गाड़ी संख्या सी.जी. 12 ए.जी. 0003 में सवार जालौन जिला के थाना कोटरा अंतर्गत ग्राम बिनौरा निवासी अंकित द्विवेदी पुत्र दिलीप द्विवेदी व दूसरे ने अपना नाम चित्रकूट जिला के थाना सरधुवा अंतर्गत ग्राम औदहा निवासी शुभम यादव पुत्र लल्लूराम यादव बताया। पकड़े गये दोनों बदमाशों से कार में लॉकदार बक्से से ब्राउन रंग के पैकेट जो कि टेप से लिपटे हुये थे में से करीब 28 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया है। साथ ही गाड़ी पर अंकित नम्बर प्लेट के अलावा एक अन्य नम्बर प्लेट संख्या यू.पी.78 सी.एस. 0002 भी पुलिस ने बरामद की है। इसके अलावा पुलिस ने दोनों बदमाशों से दो मोबाइल फोन बरामद किये हैं। मौके पर पहंचे सीओ महरौनी ने अग्रिम कार्यवाही को सम्पादित कराया। पुलिस ने पकड़े गये बदमाशों के खिलाफ एनडीपीएस की धारा 8/20 और बीएनएस की धारा 318, 336, 338, 340 के तहत एफआईआर दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी।
कानपुर से खरीदी थी कार
अवैध गांजा के साथ पकड़े गये शुभम यादव ने बताया कि उन्होंने यह कार 1.95 लाख रुपये में कानपुर से खरीदी थी। इस कार के जरिए वह उड़ीसा से गांजा लाकर ललितपुर सहित अन्य जनपदों में आपूर्ति करते थे। इसके अलावा इस कार के कागजात व नम्बर प्लेट्स भी फर्जी हैं। अंकित द्विवेदी ने बताया कि वह गांजा के साथ पूर्व में भी पकड़ा जा चुका है और जेल जा चुका है।
*अनुज सिंह ठाकुर ब्यूरो रिपोर्ट ललितपुर*

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।