बीना । 30 अप्रेल तक 60 प्रतिशत कार्य पूरा नहीं हुआ तो भुगतान रोक दिया जाएगा पीएचई और जल निगम की बैठक में विधायक निर्मला सप्रे ने दी हिदायत Today Mp Express
पवई ।चैत्र नवरात्रि के पहले दिन शैलपुत्री के रूप में हुई मां कलेही की उपासना प्रदेश ही नहीं देशभर से श्रद्धालु आते हैं दर्शन करनेहोती है मनोकामनाएं पूरी Today Mp Express
धामनोद ।स्वस्ति धाम जहाजपुर में दो दिवसीय जैन पत्रकार महासंघ का राष्ट्रीय अधिवेशन 22-23 मार्च को संपन्नबड़े तीर्थ छोटे तीर्थों को गोद में लेवें स्वस्ति भूषण माताजी Today Mp Express
धामनोद ।आर्यिका संघ के सानिध्य में निकाली गई भगवान आदिनाथ तक पद यात्राबावनगजा ट्रस्ट के अध्यक्ष विनोद दोशी द्वारा जैन धर्म ध्वजा फहरा कर किया यात्रा को प्रारंभ Today Mp Express
पवई ।नगर परिषद पवई में रंग पंचमी पर हुआ बवाल नगर परिषद अध्यक्ष पर हुआ हमलाएक युवती सहित पांच युवकों पर मामला दर्ज Today Mp Express
ललितपुर ।शहर की मलिन बस्तियों में डोर टू डोर जीरो पावर्टी सर्वे कराने के दिए निर्देश Today Mp Express
*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं। Today Mp Express