इंदौर।भीम जन्मभूमि को 100 एकड़ जमीन दिलाने मुख्यमंत्री के नाम इंदौर कलेक्टर को सोपा ज्ञापन। Today Mp Express
धार ।भगवान महावीर की मूर्ति की स्थापना के शिलान्यास से आगाज हुआ भगवान महावीर जन्म जयंती का। Today Mp Express
देवरी । जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत अनंतपुरा से भ्रष्टाचार की चलती ट्रेन जिम्मेदार सचिव एवं रोजगार सचिव सरपंच जनपद पंचायत इंजिनियर एवं अफसरों की सवारी Today Mp Express
पवई ।चैत्र नवरात्रि पर लगने वाले मेले को लेकर बैठक संपन्न मां कलेही देवी मंदिर परिसर में हुआ आयोजन Today Mp Express
धामनोद ।स्वस्ति धाम जहाजपुर में दो दिवसीय जैन पत्रकार महासंघ का राष्ट्रीय अधिवेशन 22-23 मार्च को संपन्नबड़े तीर्थ छोटे तीर्थों को गोद में लेवें स्वस्ति भूषण माताजी Today Mp Express
मोहन बड़ोदिया । श्री वर्धमान महावीर स्वामी जी जैन मंदिर जी पर 15वीं वार्षिक ध्वजा का धार्मिक आयोजन संपन्न. Today Mp Express
सागर ।गढ़ाकोटा के अभिनेता राजा गुरु फिल्म के एक्शन दृश्य के दौरान हुए गंभीर रूप से घायल Today Mp Express
*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं। Today Mp Express