अयोध्या एयरपोर्ट पर लगी है खास एक्स-रे मशीन, एडवांस इमेजिंग टेक्नोलॉजी से है लैस

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Ayodhya Airport- India TV Hindi

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Ayodhya Airport पर खास एक्स-रे मशीन लगाए गए हैं, जो एडवांस इमेज सेंसिंग टेक्नोलॉजी पर काम करते हैं।

पीएम नरेन्द्र मोदी कल यानी 30 दिसंबर को अयोध्या के महर्षि वाल्मिकी अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे। श्री राम की नगरी में बने इस नए-नवेले एयरपोर्ट में कई एडवांस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है। अयोध्या में बना यह अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट 65,000 वर्गमीटर में फैला है। 22 जनवरी 2024 को यहां श्री राम मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा के बाद हर साल 10 लाख यात्रियों के आने का अनुमान है। इस एयरपोर्ट पर स्कैनिंग के नए नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा। एयरपोर्ट पर आने वाले यात्रियों के सामान की स्कैनिंग के लिए वेहांत टेक्नोलॉजी (Vehant Technology) ने 7 एक्स-रे मशीन इंस्टॉल किए हैं।

लगे हैं 7 एडवांस एक्स-रे मशीन

एयरपोर्ट आथिरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने अयोध्या एयरपोर्ट पर 7 एक्स-रे स्कैनिंग मशीन लगाने का जिम्मा वेहांत टेक्नोलॉजी को दिया है। एडवांस इमेजिंग टेक्नोलॉजी से लैस ये एक्स-रे मशीन एयरपोर्ट पर आने वाले सामान की जांच करेगा। ये सभी एक्स-रे मशीन एडवांस इमेजिंग टेक्नोलॉजी से लैस हैं। यह बैग में मौजूद किसी भी तरह के हथियार, एक्सप्लोसिव और पैकेज आदि को डिटेक्ट कर सकता है। इन मशीन के स्कैनर्स में ऐसे एल्गोरिदम का इस्तेमाल किया गया है, जो प्रतबंधित सामान की पहचान कर सकता है।

Ayodhya Airport

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Ayodhya Airport पर खास एक्स-रे मशीन लगाए गए हैं, जो एडवांस इमेज सेंसिंग टेक्नोलॉजी पर काम करते हैं।

Vehant टेक्नोलॉजी ने यहां कुल 7 एक्स-रे मशीन लगाए हैं, जिनमें KirtiScan 6040 DV एक्स-रे बैग स्कैनर्स और बड़े बैग्स के लिए KirtiScan 100100 शामिल हैं। इन एक्स-रे मशीन में स्कैनिंग किए वाले आइटम को हॉरिजोन्टल और वर्टिकली देखे जा सकते हैं। इसके अलावा इनमें एक हाई-डेनसिटी अलर्ट और सेल्फ डाइग्नोसिस फीचर्स भी दिए गए हैं।

KirtiScan 100100 में मल्टी-एनर्जी X-Ray टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है। यह थ्रेट इमेज प्रोटेक्शन फीचर से भी लैस है। इसमें एक बड़ा सेंट्रलाइज्ड सुपर कंसोल और वीडियो मैनेजमेंट फीचर भी दिया गया है, जो इसकी ऑपरेशनल इफीशिएंसी को बेहतर बनाता है।

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।