राज्यसभा सदस्य रजनीश अग्रवाल कांग्रेस के या भाजपा के
मंडी बामोरा में राज्यसभा सदस्य रजनीश अग्रवाल के गृह नगर मंडीबामोरा में प्रथम आगमन से पहले ही सियासी पारा चढ़ गया है। वजह है उनका स्वागत—और स्वागत करने वालों की राजनीतिक पहचान!
भारतीय जनता पार्टी की तिरंगा यात्रा में शामिल होने आ रहे रजनीश अग्रवाल के स्वागत के लिए भाजपा के साथ-साथ कांग्रेस के पुराने दिग्गजों और पदाधिकारियों के भी सक्रिय होने की चर्चा ने राजनीतिक गलियारों में नया सवाल खड़ा कर दिया है—
आखिर स्वागत है या सियासी सर्वदलीय मिलन समारोह?
आयोजन को भले ही गैर-राजनीतिक बताया जा रहा हो, लेकिन सवाल यह है कि अगर कार्यक्रम भाजपा के घोषित राजनीतिक कार्यक्रम तिरंगा यात्रा के दिन और उसी संदर्भ में हो रहा है, तो कांग्रेस के नेताओं को भी इसमें सक्रिय रूप से जोडऩे की जरूरत क्यों पड़ी?
चर्चा तो यहां तक है कि कांग्रेस के बहुत पुराने और भाजपा के पुराने चर्चित नेता और जिला मीडिया के पदाधिकारी सहित कुछ मंडीबामोरा भाजपा पदाधिकारी कांग्रेस के नेताओं और पदाधिकारियों को फोन कर कार्यक्रम में शामिल होने के लिए संपर्क कर रहे हैं। अब सियासत में फोन भी बड़ा कमाल का माध्यम है—कब निमंत्रण होता है और कब राजनीतिक आग्रह, यह समझने वालों के लिए इशारा काफी होता है!
इधर, बीना ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष इंदर सिंह यादव ने साफ माना है कि किसी भी कांग्रेसी को भाजपा के किसी भी कार्यक्रम में शामिल नहीं होना चाहिए। बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले की शिकायत कांग्रेस संगठन के उच्च स्तर तक किए जाने की तैयारी है।
अब असली दिलचस्पी कल के कार्यक्रम में है। निगाहें इस बात पर रहेंगी कि कौन-कौन से कांग्रेस नेता, जो सोशल मीडिया पर पूरे जोश के साथ कांग्रेस की विचारधारा का झंडा बुलंद करते नजर आते हैं, वे राज्यसभा सदस्य रजनीश अग्रवाल के स्वागत में कितनी गर्मजोशी दिखाते हैं।
फिलहाल मंडी बामोरा में सवाल सिर्फ इतना नहीं है कि रजनीश अग्रवाल का स्वागत कौन करेगा?
सवाल यह भी है कि कौन किसका स्वागत कर रहा है और किस राजनीतिक पाले से?
क्योंकि राजनीति में कई बार मंच गैर-राजनीतिक होता है, कार्यक्रम सामाजिक होता है और स्वागत व्यक्तिगत, लेकिन तस्वीरें वायरल होते-होते राजनीति की पूरी कहानी खुद-ब-खुद बता देती हैं!





