कृषि पंप की लोड संबंधी शिकायतों का हो रहा त्वरित निराकरण

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तेंदूखेड़ा – मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड गाडरवारा उपसंभाग 2 के सहायक अभियंता अभियंता वी के सोनी द्वारा जानकारी दी गई कि कार्य योजना के अंतर्गत लगभग 1800 नए पोल लगाने का कार्य किया जा रहा है। जिसमें मिड स्पेन पोल, रोड क्रॉसिंग में एच बीम पोल, टूटे तिरछे पोलो को बदलने का कार्य द्रुत गति से किया जा रहा है। एक साथ संभाग में सभी वितरण केंद्रों में कार्य चल रहें हैं। ताकि उपभोक्ताओं को खासकर कृषक उपभोक्ताओं को निर्बाध उच्च गुणवत्ता पूर्ण बिजली मिल सके।कृषक बंधुओ से अपेक्षा है कि उक्त कार्यों को करने में विद्युत विभाग को सहयोग प्रदान करें, जिससे कार्यों को करने में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न ना हो। विभाग स्तर पर पिछले एक वर्ष से कृषक उपभोक्ताओं के पंपों का भार उपभोक्ताओं या उनके प्रतिनिधि के सामने चेक किया गया था। इसका संपूर्ण डाटा डिजिटल ऐप के माध्यम से संरक्षित किया गया है। उपभोक्ताओं को इसकी जानकारी के मैसेज मोबाइल पर भेजे गए थे। जिन उपभोक्ताओं द्वारा 1912 कॉल सेंटर पर या संबंधित वितरण केंद्र में आपत्ति दर्ज कराई थी उनके कृषि पंपों के भार स्वयं की उपस्थिति में पुनः चेक किए गए हैं। जिन कृषक बंधुओं को अभी भी आपत्ति/शंका का है वह अपनी शिकायत 1912 कॉल सेंटर या वितरण केंद्र में दर्ज कर सकते हैं। उनकी आपत्ति / शंका का निराकरण स्वयं उनकी उपस्थिति में निदान किया जावेगा। संवाददाता- अमित खरे तेंदूखेड़ा

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।

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