गढ़ाकोटा। एडवोकेट पर जानलेवा हमला आरोपियों पर कार्यवाही के लिए सौंपा ज्ञापन

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गढ़ाकोटा – बीती रात नगर के एडवोकेट विवेक भागवत पर जानलेवा हमला किया गया जिसके विरोध में अधिवक्ता संघ द्वारा थाना प्रभारी की ज्ञापन सौंपा गया जिसमें उल्लेख किया गया कि अधिवक्ता विवेक भागवत के साथ बीती रात घटना दिनांक 17/02/2025 दिन रविवार घटना स्थल गोपालजी ढाबा के बगल में गगढ़ाकोटा में रात्रि करीब 10:30 बजे से 10:40 बजे के बीच आरोपीगण रिंकू ठाकुर, रामजी चौबे,दिनेश पटेल, दिनेश पटेल का लड़का एवं तीन-चार अन्य लोगो ने भागवत को गाली गलौच करते हुये शराब पीने के लिये 500/- रूपये मांगे, न देने पर सभी ने एक साथ लात-घूसों से मारपीट की एवं रिंकू ठाकुर ने लोहे की राड से नाक पर माथे पर वार करके गंभीर चोट पहुंचाई हैं जिसके संबंध में आवेदक/अधिवक्ता ने पुलिस थाना गढ़ाकोटा में प्रथम सूचना रिपोर्ट अपराध क्रमांक 0088/2025 धारा 296, 115 (2), 118 (1), 351 (2), 119, 191 (1) भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत दर्ज कराई हैं परन्तु आरोपी अभी तक खुले आम घूम रहे पुलिस द्वारा उन्हें गिरफ्तार नहीं जा रहा, उल्लेख किया गया कि अगर आरोपियों को शीघ्रता से गिरफ्तार नहीं किया गया तो अधिवक्ता संघ गढ़ाकोटा द्वारा उग्र आंदोलन किया जाएगा जिसका जिम्मेदार प्रशासन रहेगा ।इस अवसर पर

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।