गढ़ाकोटा ।पथरिया थाना क्षेत्र में दुष्कर्म के मामले लगातार सामने आ रहे हें। जनवरी व दिसंबर माह में ही तीन मामले सामने आए हैं। जिनमें से एक मामले में गढ़ाकोटा पुलिस ने सोमवार को पथरिया के एक होटल का मुआयना कर घटना का नजरी नक्शा तैयार कर मामला दर्ज किया है।

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गढ़ाकोटा थाना प्रभारी रजनीकांत दुबे सोमवार को पथरिया नगर के चौरसिया होटल व रेस्टोरेंट एक दुष्कर्म पीडि़ता को लेकर पहुंचे थे। जिसने सत्यम चौरसिया के होटल की शिनाख्त करते हुए बताया कि आरोपी ने इसी होटल के एक कमरे में उसके साथ दिसंबर माह में दुष्कर्म किया था। थाना प्रभारी के अनुसार दुष्कर्म का आरोपी भी पीडि़ता के गांव का है। इतने विलंब से रिपोर्ट दर्ज कराने के पीछे का कारण है कि आरोपी द्वारा पीडि़ता के परिजनों को जान से मारने की धमकी दी जा रही थी, जिस पर वह रिपोर्ट दर्ज करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही थी। गढ़ाकोटा पुलिस ने दुष्कर्म के आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश प्रारंभ कर दी है। पथरिया नगर में दुष्कर्म के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।

ये मामले भी सामने आए

बीती 3 जनवरी 2025 को नगर के एक बाबा ने एक युवक के साथ अप्राकृतिक कृत्य किया था। जिसके बाद परिजनों ने थाने में पहुंचकर रिपोर्ट लिखाई थी। वहीं 6 दिसंबर 2024 को ही थाना क्षेत्र की एक लडक़ी के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया था। आरोप थे कि आरोपियों ने पीडि़ता का विडियो भी बनाया था। जिस कारण उसे ब्लैकमेल किया जा रहा था। जो पीडि़ता बर्दास्त नहीं कर पाई और उसने आत्महत्या कर ली थी।  अक्टूबर 2024 में भी एक मामला सामने आया था जिसमें नगर के एक होटल में थाना क्षेत्र की एक युवती के साथ दुष्कर्म किया गया था।

थाना प्रभारी ने इंकार किया फिर दर्ज किए

अक्टूबर 2024 में एक नाबालिग छात्रा को बेहोशी की हालत में पथरिया अस्पताल लाया गया था। जिसमें तीन आरोपियों पर दुष्कर्म के आरोप लगे थे। मेडिकल जांच में भी उक्त बालिका से दुष्कर्म के प्रयास की बात सामने आई थी। तब थाना प्रभारी पथरिया ने इस मामले को सिरे से खारिज करते हुए नाबालिग पीडि़ता का नाम लेते हुए विडियो वाइट दी थी। इसके बाद पथरिया थाना पुलिस ने ही पॉस्को एक्ट व अन्य धाराओं का मामला दर्ज किया था।

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।