गढ़ाकोटा ।साहू समाज गढ़ाकोटा के वरिष्ठ समाजसेवी का किया गया सम्मान

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गढ़ाकोटा। साहू समाज गढ़ाकोटा के अध्यक्ष श्री ओम प्रकाश साहू एवं मां कर्मा बाई जयंती 2025 आयोजन समिति के अध्यक्ष श्री दीनदयाल साहू ( शिक्षक)* के द्वारा बताया गया कि *भक्त मां कर्मा देवी जयंती 2025* के उपलक्ष्य में वरिष्ठ समाजसेवी *आदरणीय श्री बैजनाथ शाहजी जी ( शिक्षक और पूर्व अध्यक्ष)* द्वारा स्वयं के निजी व्यय से मां कर्मा देवी को *चांदी का मुकुट अर्पित* किया गया है, अतः इस उपलक्ष्यं पर   साहू समाज गढ़ाकोटा के *अध्यक्ष श्री ओम प्रकाश साहू एवं मां कर्मा बाई जयंती 2025 आयोजन समिति के अध्यक्ष श्री दीनदयाल साहू ( शिक्षक) एवं सभी स्वजातीय बंधुओं* के द्वारा उनके निज निवास पहुंचकर दिनांक 31 मार्च 2025 को*पुष्प माला , मां कर्मा देवी का छायाचित्र एवं शाल श्रीफल* से सम्मानित किया गया
सम्मानित होने पर श्री *बैजनाथ शाहजी जी ने समस्त साहू समाज को यह संदेश दिया कि मेरे द्वारा समाज के लिए जो  भी आवश्यकता होगी आगामी भविष्य में मैं हमेशा सहयोग के लिए तत्पर रहूंगा। सम्मान की इस बेला पर साहू समाज के *अध्यक्ष श्री ओम प्रकाश साहू एवं मां कर्मा बाई जयंती 2025 आयोजन समिति के अध्यक्ष श्री दीनदयाल साहू ( शिक्षक) के साथ*  सम्माननीय
जन *श्री राजेश साहू शिक्षक, श्री हर प्रसाद साहू ,श्री भगवान दास साहू, श्री गोकल साहू शिक्षक, श्री अनोज कुमार साहू , हरगोविंद साहू (उपाध्यक्ष) ,श्री राजेंद्र (रज्जन) साहू, श्री शंकर लाल साहू (शिक्षक) श्री रिंकू साहू, श्री श्रीराम साहू  पत्रकार, श्री नितिन साहू मीडिया प्रभारी की गरिमामय उपस्थिति रही।

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।