चाचौड़ा चंपावती धाम में बिराजेंगे गिर्राजधरण मंदिर का हुआ भूमि पूजन चाचौड़ा से संवाददाता चंद्र मोहन नामदेव

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  चाचौड़ा ,चंपावती में बनने जा रहा है भगवान गिरिराजधरण का मंदिर चाचौड़ा के समस्त धर्म प्रेमी बंधुओ ने भगवान गिरिराज जी का मंदिर बनाने के लिए चाचौड़ा के बागबागेश्वर धाम पर मंदिर का भूमि पूजन किया इससे कुछ दिन पहले सभी नगर वासियों ने एक मीटिंग कर भगवान श्री गिर्राज जी महाराज का मंदिर बनाने का निर्णय लिया इसमें परिक्रमा समिति के सभी सदस्य एवं चाचौड़ा के सभी नगर वासी उपस्थित हुए थे और यह निर्णय लिया गया था कि जिस प्रकार भगवान श्री गिरिराज जी की परिक्रमा की जाती है इस प्रकार चाचौड़ा के परिक्रमा भी ली जाती है तो यहां पर भी भगवान श्री गिरिराज जी का मंदिर बनना चाहिए और सभी ने इसका समर्थन किया आज दिनांक 21 /11/ 2024 को मंदिर निर्माण के लिए मंदिर का भूमि पूजन किया गया भूमि पूजन पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती अर्चना दीपक सिंह चौहान ( बल्लू भैया )काला पहाड़ के हाथों से कराया गया इस समय नगर के सभी नगरवासी शामिल हुए बागबागेश्वर धाम आश्रम के महंत दीनबंधु दास जी,श्री बालक दास जी महाराज, बागेश्वर के पुजारी विवेक शर्मा,भक्ति माली मंदिर के पुजारी श्री लक्ष्मीकांत जी महाराज, प्रदीप सिंह ठेकेदार, कल्लू शर्मा,अशोक सिंह राजपूत ,भीम सिंह कुशवाह,अशोक माली, फूल सिंह राजपूत ,दिलीप पंडित जी, रोशन चौकसे, मुकेश मेहरा ,रमेश माली,कल्लू पटेल,गोलू शर्मा, गोविंद लोधा, ललित मैथिली आदि नगर वासी उपस्थित रहे।

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Hi

*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।