देवरीकला ।पूर्व मंत्री हर्ष यादव ने केसली ब्लाक कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में महामहिम राज्यपाल के नाम केसली तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन

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देवरीकला । ज्ञापन में उल्लेख है कि विधानसभा क्षेत्र देवरी में अधिकारियों की मनमानी, अघोषित विद्युत कटौती, आंकलित विद्युत बिल, कृषक उपभोक्ताओं / घरेलू उपभोक्ताओं पर दर्ज किए जा रहे झूठे प्रकरण एवं, विद्युत विभाग के अधिकारियों द्वारा क्षेत्र के ग्रामीणजनों से जबरिया वसूली करने सहित विभिन्न समस्याओं के संदर्भ में समस्त किसानों द्वारा निम्न बिन्दुवार मांग की हैं

क्षेत्र में की जा रही अघोषित विद्युत कटौती पर तत्काल रोक लगाकर तय विद्युत प्रदाय की जाये।
ग्रामीण क्षेत्रों में बंद एवं खराब विद्युत ट्रांसफॉर्मर तत्काल बदलकर विद्युत आपूर्ति बहाल की जायें।
विद्युत कार्यालय द्वारा प्रदाय किये जा रहे आंकलित एवं फर्जी बिलों मे तत्काल सुधार किया जाये।

बकाया विद्युत वसूली के नाम पर कृषकों से की जा रही कुर्की एवं अमानवीय व्यवहार पर तत्काल रोक लगाई जाये।
वर्षाकाल में आंधी तूफान के कारण केसली एवं देवरी विकासखण्ड में विद्युत खम्बे एवं तार टूटने, ट्रांसफॉर्मर खराबी के कारण कई ग्रामों में विद्युत आपूर्ति बंद है, जिसें तत्काल मरम्मत कराकर बहाल किया जाये।
प्रदेश के घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को कमलनाथ सरकार की इंदिरा गृह ज्योति योजना के माध्यम से 100 रूपये में 100 यूनिट बिजली व्यवस्था लागू की जाए।
देवरी विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत देवरी एवं केसली विकासखण्ड के ग्राम केवलारीकलॉ, सेमरा, महकाकेरपानी, अमौदा, छिन्दली, सिंगपुरगंजन, अनंतपुरा एवं खमरिया में 33/11 केव्ही उपकेन्द्रों की स्थापना की जायें।
देवरी विधानसभा क्षेत्र के विद्युत उपभोक्ताओं के लिए विद्युत विभाग का डिबीजन कार्यालय दूरस्थ अन्य विधानसभा क्षेत्र रहली बनाया गया है, जिससें विद्युत उपभोक्ताओं को बेहद असुविधा होती है। क्षेत्रवासियों द्वारा सबडिबीजन देवरी एवं केसली को मिलाकर देवरी विधानसभा क्षेत्र में एक नवीन डिबीजन की स्थापना करने की मांग लम्बे समय से की जा रही है, जिसे शीघ्र स्वीकृति प्रदान की जायें।
देवरी विधानसभा क्षेत्र के देवरी एवं केसली विकासखण्ड अन्तर्गत नवीन बस्ती / टोला में विद्युतिकरण कार्य ना होने से ग्रामीणजन अंधेरे में निवासरत है। क्षेत्र के ऐसे नवीन बस्ती/टोला को चिंहित कर विद्युतिकरण कार्य शीघ्र कराया जायें।
देवरी विधानसभा क्षेत्र में पुलिस के संरक्षण में जगह-जगह रिस्क, जुआ फडो का संचालन किया जा रहा है, जिसमें कई जिलो के जुआरी दाव लगाने आते है, केसली एवं देवरी विकासखण्ड में नशीले पदार्थ गांजा, स्मेक, एवं अवैद्य शराब का बडे पैमाने पर ब्यापार किया जा रहा है, देवरी विधानसभा क्षेत्र के सैकडों ग्रामो में अबैद्य शराब के ठेके संचालित किये जा रहे है, जिसे अबिलंब बंद किया जाए, जिससे अपराधो पर नियंत्रण हो सके।

उपरोक्त मांगो का शीघ्र निराकरण किया जावें। नही तो आगामी समय मे क्षेत्रीय किसानों के साथ भूख हडताल व उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जबाबदारी शासन की होगी।

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।