धामनोद।मुनि श्री प्रशम सागर जी ससंघ का बावनगजा सिद्ध क्षेत्र में हुआ मंगल प्रवेश पूर्व विराजित संतो से हुआ मिलन ,किए मंदिरों के दर्शन।     

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धामनोद । दिगंबर जैन समाज के विश्व प्रसिद्ध तीर्थ सिद्ध क्षेत्र बावनगजा जी पर आज प्रातः मुनि श्री प्रशम सागर जी ,मुनि श्री प्रणुत सागर जी,मुनि श्री साध्य सागर जी,मुनि श्री जयंद्र सागर जी का बड़वानी के निकट पार्श्वगिरी पर रात्रि विश्राम के पश्चात आज प्रातः पार्श्वगिरी स्थित मंदिरों की वंदना दर्शन कर बावनगजा जी सिद्ध क्षेत्र पर बिहार हुआ,बिहार के समय बड़वानी के युवा बच्चे साथ थे जो जैन धर्म का जयकारा और धर्म ध्वजा लिए चल रहे थे,सिद्ध क्षेत्र पर पहुंचने पर ट्रस्ट अध्यक्ष विनोद दोशी ने निमाड़ के भक्तों ने  बड़वानी के युवा बच्चे ने बावनगजा के स्टाफ,परिवार और हरसुख गुरुकुल के बच्चों ने पाद प्रक्षालन कर आरती उतारी और श्रीफल समर्पित कर मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया मुनि संघ ने बावनगजा पहुंच कर तलहटी के मंदिरों के दर्शन कर पूर्व में विराजित दो संघों के मुनि संघ और आचार्य से मंगल मिलन किया । मुनि संघ ने आहार चर्या सम्पन्न की और दोपहर में सामयिक,प्रतिक्रमण,धर्म चर्चा की सायंकाल श्रावकों ने मुनि संघ की और भगवान की आरती उतारी।
  बावनगजा ट्रस्ट के अध्यक्ष विनोद दोशी ने बताया कि आगामी 15 तारीख को राष्ट्र संत गणचार्य विराग सागर जी के मूल संघ के परम पूज्य गणधर श्रमण मुनि श्री विवर्धन सागर जी और प्रवर्तक श्रमण विश्व नायक सागर जी ,आचार्य गिरनार सागर जी ,मुनि श्री प्रशम सागर जी,मुनि श्री प्रणुत सागर जी सहित संघ मुनि आर्यिका,क्षुल्लक,क्षुल्लिका चतुर्विध संघ के सानिध्य में बावनगजा महा आदिश्वर महा अर्चना का आयोजन किया गया है जिसमें बड़वाह की संगीत पार्टी कमल जैन एंड पार्टी की स्वर लहरियों के बीच भक्तामर महा विधान आराधना होगी जिसमें अधिक से अधिक साधर्मियों को शामिल होकर धर्म लाभ लेने की अपील की है।
उपरोक्त जानकारी मीडिया प्रभारी मनीष जैन ने प्रदान की

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।