चौबीस घंटे में ही राजहंस होटल सहित सभी ने फिर कर लिया अतिक्रमण
बीना। बीना नगरपालिका द्वारा पुलिस प्रशासन के सहयोग से सर्वोदय क्षेत्र में बढ़ते ट्राफिक को देखते हुए स्थाई और अस्थाई अतिक्रमण हटाने के लिए विशेष मुहिम चलाई थी, जिसमें लगभग 12 हजार रुपए का जुर्माना भी वसूला गया था और अतिक्रमण भी हटाया गया था। राजनैतिक हस्तक्षेप और व्यापारियों में प्रशासन का भय न होने के कारण चौबीस घंटे के भीतर ही सर्वोदय चौराहे पर बनी राजहंस होटल सहित अन्य दुकानदारों ने पुन: अपने अतिक्रमण जमा लिए। कुल मिलाकर नगरपालिका का आगे पाठ पीछे सपाट की तर्ज पर अतिक्रमण अभियान चल रहा है प्रशासन जहां का अतिक्रमण हटा चुका है वहां पुन: अतिक्रमण हो रहा है और जहां का अतिक्रमण हटाया जा रहा है वे लोग भी प्रशासनिक अमले के जाने के बाद अतिक्रमण कर रहे हैं। शहर में अस्थायी अतिक्रमण को हटाने के लिए शनिवार को नपा, पुलिस और राजस्व विभाग ने संयुक्त कार्रवाई की थी और सामान जब्त कर जुर्माना वसूला था। कार्रवाई के चौबीस घंटे के भीतर ही फिर अतिक्रमण जस का तस नजर आने लगा था।
अतिक्रमणकारियों की चपेट में पूरा शहर –
शहर के मुख्य मार्ग सहित मुख्य बाजार, कच्चा रोड पर अस्थायी अतिक्रमण पैर पसार रहा है और यह समस्या एक दिन की कार्रवाई में खत्म नहीं हो सकती है, इसके लिए लगातार कार्रवाई की जरूरत है। बीते दिनों कुछ स्थानों पर कार्रवाई की गई थी, लेकिन दूसरे दिन ही सुबह वहां फिर दुकानदारों ने सामान फैला लिया था। जिससे वाहन चालकों को परेशान होना पड़ा। कच्चा रोड भी अतिक्रमण की चपेट में है, जहां अस्थायी शेड लगाकर बाहर तक दुकानों का सामान फैला हुआ है, जबकि यहां यातायात का दबाव रहता है। बड़ी बजरिया, सुपर मार्केट की सडक़ें अतिक्रमण के चलते संकरी गली बन गई हैं, जिससे बाइक क्रॉस करने में भी परेशानी होती है। अतिक्रमण के चलते मुख्य मार्गों पर बाइक खड़े करने के लिए भी जगह नहीं मिलती है, क्योंकि आधी सडक़ तक सामान फैला रहता है और फिर मजबूरी में सडक़ पर बाइक खड़ी करनी पड़ती है। यदि अस्थायी अतिक्रमण हटा दिया जाए, तो पार्किंग की समस्या कुछ हद तक हल हो सकती है।


