पवई/जिला सहकारी केंद्रीय बैंक पवई द्वारा किया गया ग्राहकों का सम्मान

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

पवई /जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित पन्ना के द्वारा प्राथमिक साख सहकारी समिति परिसर पवई में मंगलवार को ग्राहक सम्मान समारोह कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जिला सहकारी बैंक के ऐसे ग्राहकों का सम्मान किया गया जिसकी एफडी बहुत अत्यधिक है,साथ ही ऐसे किसान जो समय-समय पर अपने ऋणों का भुगतान करते हैं और जिला सहकारी बैंक की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेते हैं।  कार्यक्रम में उपस्थित ग्राहकों एवं किसानों को जिला सहकारी बैंक के माध्यम से शासन द्वारा दिए जाने वाले ऋण एवं अनेक हितग्राही मूलक योजनाओं की जानकारी दी गई। इस अवसर पर शाखा प्रबंधक मनीष पांडे,समिति प्रबंधक अनिल पाटीदार, सह प्रबंधक अनिल पटेल,पड़रिया समिति प्रबंधक मिंटू राजा,बडखेरा समिति प्रबंधक राम प्रताप मिश्र,करही समिति प्रबंधक बहादुर सिंह, सुनील साहू, रामअवतार पाठक पुष्पेंद्र लटोरिया,संतोष श्रीवास्तव,भवानी पटेल,सुशील बड़ौलिया,राम प्रताप बागरी,देवीसिंह,कंप्यूटर ऑपरेटर पुष्पेंद्र सिंह,महेंद्र मांझी,धर्मेंद्र बागरी सहित ग्राहक और किसान मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Ad
What is the capital city of France?

Hi

*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।