बीना। बीते दिनों गणतंत्र दिवस समारोह को लेकर बीना विधायक निर्मला सप्रे पर राष्ट्रगान के अपमान को लेकर तरह-तरह के आरोप सोशल मीडिया के माध्यम से लगाए जा रहे हैं। भाजपा ने आरोप लगाया है कि जब राष्ट्रगान चल रहा था उसी दौरान विधायक निर्मला सप्रे, प्राचार्य सीएम मंसूरी एवं अन्य शिक्षा विभाग के अधिकारियों और बैंड के साथ कार्यक्रम के दौरान चलकर आ रही थीं। भाजपा का आरोप है कि उन्हें अपने सम्मान की चिंता थी जबकि इस संदर्भ में कांग्रेस विधायक निर्मला सप्रे के पक्ष में एक्सीलेंस स्कूल के प्राचार्य सीएम मंसूरी खुलकर सामने आ गए हैं। सोमवार को विद्यालय के सभा कक्ष में उन्होंने पत्रकारवार्ता का आयोजन करके इस आरोप का खंडन किया कि विद्यालय प्रबंधन द्वारा या विधायक द्वारा या मेरे द्वारा राष्ट्रगान का अपमान किया गया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रगान उस समय सुनाई ही नहीं दे रहा था जब विधायक की अगवानी करने स्काउट का बैंड शिक्षा विभाग के अधिकारी और मैं पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि जो वीडियो वायरल किया जा रहा है वह काट-छांट करके बनाया गया है, जबकि वास्तविक वीडियो में राष्ट्रगान की आवाज ही सुनाई नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन विद्यालय का था ही नहीं, यह बीना शहर का आयोजन था जो एसडीएम के निर्देशानुसार संपन्न कराया गया। एसडीएम की ओर से ही कार्ड छपवाए गए और वितरित कराए गए। इसमें हमारा कोई रोल नहीं था।
पूर्व विधायक और जनपद उपाध्यक्ष पर साधा निशाना –
प्राचार्य सीएम मंसूरी ने पूर्व विधायक महेश राय और जनपद उपाध्यक्ष अमर प्रताप सिंह ठाकुर गोलू पर निशाना साधते हुए कहा कि अमर प्रताप उर्फ गोलू ठाकुर द्वारा होशियारी करके ओरिजनल कार्ड की फोटोकॉपी में हेरफेर करके यह अपनी तरफ से वितरित कराया। हमें केवल इतना आदेश हुआ कि अतिथियों को रिसीव करके मंच पर लाना है। और शिक्षा विभाग के अधिकारियों बीईओ, बीआरसी एवं दोनों पीटीआई के साथ हम विधायक निर्मला सप्रे और अतिथियों को लेने पहुंचे। जब तक हम मंच स्थल तक पहुंचते तब तक गोलू ठाकुर ने ध्वजारोहण करा दिया, यह उन्होंने किस अधिकार से कराया यह हम समझ ही नहीं पाए।
भूतपूर्व विधायक महेश राय सहित उनके दिवंगत भाई पर लगाए आरोप –
जनपद उपाध्यक्ष भाजपा नेता गोलू ठाकुर पर निशाना साधते हुए प्राचार्य मंसूरी ने कहा कि गोलू ठाकुर ने एक चार पेज की सूची हमारे मोबाइल पर डाली। एक सूची हमें विधायक निर्मला सप्रे द्वारा सौंपी गई और एक सूची गौरव सीरोठिया ने अमित कटारे के माध्यम से हमारे पास भिजवाई। उन्होंने कहा कि हम शिक्षक हैं हम नेता नहीं हमें नेतागिरी से क्या लेना। सूर्य नमस्कार 12 जनवरी को हुआ था इसमें भी गोलू ठाकुर ने हमसे बहस की थी। जहां तक गोलू ठाकुर की बात है उनका सीधा-सीधा संबंध पूर्व विधायक महेश राय के साथ है। महेश राय ने हमारा स्कूल में आकर बहुत विरोध किया, इसके लिए हम उनको कोर्ट तक लेकर गए। उन्होंने कहा कि महेश राय अनपढ़ और गंवार हैं और उसी तरह का व्यवहार उन्होंने हमारे साथ किया। इसके साथ ही उन्होंने पूर्व विधायक के दिवंगत भाई पर भी कई गंभीर आरोप लगाए।
एसडीएम को अपने दायित्व की पूर्ति करना थी –
पत्रकारवार्ता में मौजूद हाईकोर्ट के अधिवक्ता मो. आसिफ मंसूरी ने तिरंगा एवं राष्ट्रगान के अपमान को लेकर क्या नियम हैं इसकी जानकारी पत्रकारों को दी। उन्होंने बताया कि तिरंगा किसी अन्य के माध्यम से फहराया गया जबकि एसडीएम वहां पर मौजूद थे वे नॉनवेलेबल अफेन्स के तहत तत्काल संबंधित व्यक्ति को गिरफ्तार कराते और कार्रवाई करते किंतु उन्होंने ऐसा नहीं किया। पत्रकारों के यह पूछने पर कि क्या इसमें एसडीएम भी दोषी हैं उनका कहना था कि यह एसडीएम का दायित्व था कि वे उस पर एफआईआर कराते या न कराते। प्रबंधन द्वारा शिकायत कराने के प्रश्न पर प्राचार्य ने कहा कि प्रबंधन शिकायत नहीं कराएगा।
विद्यालय में कराए जा रहे विकास कार्यों का कराया अवलोकन –
इस अवसर पर प्राचार्य मंसूरी ने पूरे विद्यालय का भ्रमण पत्रकारों को कराया, उन्होंने विद्यालय में चल रहे विकास कार्यों के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अभी विद्यालय में बहुत सारे परिवर्तन होना है। विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था और यहां आए दिन असामाजिक तत्वों की मौजूदगी को भी हमने बंद कराया है और आगे भी इस प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी। प्राचार्य मंसूरी ने सभी पत्रकारों से कहा कि समय-समय पर हमें निर्देशित करते रहें ताकि हम और अच्छी तरह से अपना कार्य संपन्न करा सकें।
इनका कहना है –
समारोह में 9 बजे का समय ध्वजारोहण के लिए तय था और एसडीएम के आग्रह पर जनपद अध्यक्ष ध्वजारोहण किया। अब सही क्या है और गलत क्या है यह एसडीएम महोदय जानें।
अमर प्रताप सिंह ठाकुर
जनपद उपाध्यक्ष, बीना


