सागर । माननीय राज्यपाल महोदय,
पंजाब ( चंडीगढ़)
माध्यम से : कलेक्टर सागर (मप्र) इलेक्ट्रॉनिक साइट वाट्सएप
द्वारा –
माननीय राज्यपाल महोदय,
मध्यप्रदेश (भोपाल)
*विषय :- राष्ट्रव्यापी प्रतिरोध दिवस के अवसर पर केंद्र के इशारे पर पंजाब सरकार द्वारा किसानों के विरोध प्रदर्शन पर किये जा रहे पुलिस दमन पर रोक लगाने संबंधी संयुक्त किसान मोर्चा का ज्ञापन पत्र।*
महोदय,
पिछले कुछ समय से पंजाब सरकार केंद्र सरकार के साथ मिलकर किसानों की जायज मांगों के लिए चल रहे संघर्ष के खिलाफ पुलिस के जरिए दमन अभियान चला रही है। यद्यपि देश के संविधान के अनुसार देश के नागरिकों को अपनी जायज मांगों के लिए संघर्ष करने का मौलिक लोकतांत्रिक अधिकार प्राप्त है। लेकिन पिछले दिनों संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा चंडीगढ़ में 5 मार्च से किये जाने वाले सात दिवसीय धरने को तारपीडो कर पूरे प्रदेश को खुली जेल में तब्दील कर दिया गया। 19 मार्च को केंद्र सरकार के मंत्रियों से बातचीत कर लौट रहे किसान नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया। शंभू और खनौरी में बुलडोजर चलाकर किसानों के धरना स्थलों को जबरन उठा दिया गया। ट्रैक्टर ट्रॉलियों सहित किसानों के उपकरण तोड़ दिए गए। राज्य में पुलिस राज स्थापित कर जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचला जा रहा है। कर्नल पुष्पिंदर सिंह बाठ के खिलाफ पुलिस की बर्बरता और सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद लोगों के घरों को बुलडोजर से ध्वस्त करना इसके प्रमाण हैं।
ऐसी परिस्थितियों में संयुक्त किसान मोर्चा एवं विभिन्न लोकतांत्रिक न्यायप्रिय जनसंगठनो ने संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले आज 28 मार्च 25 को राष्ट्रव्यापी प्रतिरोध दिवस मानने का फैसला किया है।
हम आपसे मांग करते हैं कि :-
1. पुलिस द्वारा किया जा रहा अंधाधुंध बल प्रयोग बंद किया जाए तथा जनता के संघर्ष के लोकतांत्रिक अधिकार को बहाल किया जाए।
2. गिरफ्तार या जेल में बंद सभी किसानों को बिना शर्त रिहा किया जाए। सभी फर्जी मुकदमें रद्द किये जाए।
3. किसानों के ट्रैक्टर-ट्रॉलियों सहित सभी उपकरण वापस किये जाए।
4. क्षतिग्रस्त या चोरी हुए सामान की भरपाई पंजाब सरकार द्वारा की जाए।
हमें उम्मीद है कि आप हमारी मांगें पूरी करवाने के लिए पंजाब सरकार को उपयुक्त निर्देश जारी करेंगे ।
दिनांक : 28 मार्च 2025
संयुक्त किसान मोर्चा एवं अन्य संगठन – भवदीय *सीताराम ठाकुर संभागीय अध्यक्ष भारतीय किसान श्रमिक जनशक्ति यूनियन सागर*



