स्थानीय नपा प्रशासन को नगर की स्वच्छता व्यवस्था को दुरुस्त करने विधायक ने पत्र लिखकर मांगी जानकारी

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सिरोंज नगर के सभी वार्डो में आगामी वर्षाकाल को दृष्टिगत रखते हुए नालों एवं नालियों की विशेष सफाई, नगर की स्वच्छता व्यवस्था सहित विशेष अभियान चलाने के लिए लिखा पत्र।

सिरोंज। नगर में बिगड़ रही स्वच्छता व्यवस्था और आगामी वर्षाकाल को दृष्टिगत रखते हुए  नगर पालिका प्रशासन  द्वारा स्वच्छता एवं नाला नालियों की सफाई एवं मरम्मत कराए जाने को लेकर स्थानीय विधायक उमाकांत शर्मा ने सीएमओ को पत्र लिखकर जानकारी मांगी है साथ मे अतिशीघ्र ही नगर के सभी वार्डों में गंदे एवं बरसात के पानी की निकासी के लिए उचित प्रबंध कराने के निर्देश दिए हैं। साफ-सफाई, स्वच्छता के साथ उन्होंने मच्छरों से बचाव के लिए दवाई का छिडकाव करने के भी निर्देश दिए है।
नगर के सभी वार्डो में बड़े-छोटे, पक्के कच्चे नाला-नालियों की मरम्मत, साफ-सफाई पर नपा का धगं आकर्षित कराते हुए विधायक शर्मा ने चेताया है कि इस बार बरसात जल्दी होने की संभावना है अतैव इस हेतु बड़े-छोटे, कच्चे पक्के नाले-नाली तथा बरसाती पानी निकलने वाले प्रवाह क्षेत्र के स्थानों की तत्काल साफ-सफाई, गहराई, खुदाई, मरम्मत के लिए की गई कार्यवाही तथा कार्ययोजना की जानकारी माँगते हुए आगामी 10 दिन की विशेष अभियान की दृष्टि से क्या कार्य योजना बनाने की बात कही है ।

इसके अलाबा उन्होंने नगर के पेयजल की दृष्टि से कुओं पर जाल एवं चालू स्थिति के हैंडपंपो की जानकारी भी मांगी है । उन्होंने स्वच्छता की दृष्टि से अत्यधिक बरसात होने की स्थिति में पॉलिथीन, कचरा आदि जल प्रवाह में नाला-नालियों में बाधा न बने इस हेतु क्या अभियान चलाया गया था तथा चलाया जा रहा है इसकी जानकारी भी उपलब्ध कराने की जानकारी नपा प्रबंधन से प्रदान कराने के निर्देश दिए है।  छह बिंदुओं के अपने पत्र में उन्होंने कैथन नदी की साफ सफाई एवं गहरीकरण की कार्ययोजना को भी पूछा है। साथ ही जन्होने नगर के चालू हैंडपंपों के साथ किसी भी कारण से बंद पड़े हैंडपंपों की जानकारी उपलब्ध कराने की बात कही है।

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।