एक महीने में 63 मरीजों को नहीं मिली एंबुलेंस…. निजी वाहनों से सागर पहुंचाना पड़ा बीना। सिविल अस्पताल से जिला अस्पताल सागर रेफर किए जाने वाले मरीजों को एंबुलेंस की कमी का गंभीर खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। पिछले एक महीने के दौरान करीब 63 मरीजों को समय पर एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी, जिसके चलते परिजनों को निजी वाहन, ऑटो, टैक्सी और अन्य साधनों से मरीजों को सागर ले जाना पड़ा।सबसे अधिक परेशानी गंभीर रूप से घायल मरीजों, गर्भवती महिलाओं और अन्य आपातकालीन मरीजों को उठानी पड़ी। परिजनों का कहना है कि एंबुलेंस के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है, जिससे मरीज की हालत और अधिक गंभीर हो जाती है। कई परिवारों को मजबूरी में निजी वाहन किराए पर लेकर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी उठाना पड़ा।जानकारी के अनुसार, हाल ही में हुई सड़क दुर्घटनाओं में घायल तीन लोगों की समय पर उपचार नहीं मिलने के कारण मौत हो गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि समय पर एंबुलेंस उपलब्ध होती और मरीजों को शीघ्र उच्च चिकित्सा केंद्र पहुंचाया जाता तो उनकी जान बचाई जा सकती थी।क्षेत्रवासियों ने स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि बीना में एंबुलेंस की संख्या बढ़ाई जाए, उपलब्ध वाहनों का बेहतर संचालन सुनिश्चित किया जाए और आपातकालीन सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाया जाए, ताकि गंभीर मरीजों को समय पर उपचार मिल सके।स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि “गोल्डन ऑवर” के दौरान मरीज को उचित चिकित्सा सुविधा तक पहुंचाना बेहद जरूरी होता है। ऐसे में एंबुलेंस की अनुपलब्धता कई बार मरीज के लिए जानलेवा साबित हो सकती है।स्थानीय नागरिकों ने शासन और स्वास्थ्य विभाग से इस समस्या का स्थायी समाधान करने तथा एंबुलेंस व्यवस्था को मजबूत बनाने की मांग की है, जिससे भविष्य में किसी भी मरीज को समय पर इलाज मिलने से वंचित न होना पड़े।