सांसद डॉ. लता वानखेड़े रेल मंत्री श्री अश्वनी वैष्णव से मुलाकात कर बीना में वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन और मंडी बामोरा में प्रयागराज एक्सप्रेस के स्टॉपेज की मांग की

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ललितपुर-सागर-करेली-छिंदवाड़ा नई रेल लाइन की डीपीआर जल्द मंजूर करने का भी किया आग्रह
बीना/31 जुलाई 2026 /सागर सांसद डॉ. लता  वानखेड़े ने दिल्ली प्रवास के दौरान रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से सौजन्य भेंट कर उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में उन्होंने सागर लोकसभा क्षेत्र में रेल सुविधाओं के विस्तार को देखते हुए बीना जंक्शन पर वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन के स्टॉपेज, मंडी बामोरा स्टेशन पर डॉ. अंबेडकर नगर-प्रयागराज एक्सप्रेस के ठहराव तथा ललितपुर-सागर-करेली-छिंदवाड़ा नई रेल लाइन की संशोधित डीपीआर को शीघ्र स्वीकृति प्रदान कर परियोजना को आगे बढ़ाने का आग्रह किया।
सौंपे गए मांग पत्र में सांसद डॉ. वानखेड़े ने कहा कि सागर लोकसभा क्षेत्र में आज भी किसी भी वंदे भारत एक्सप्रेस का ठहराव नहीं है, जबकि यह क्षेत्र मध्य प्रदेश का प्रमुख औद्योगिक, शैक्षणिक और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण केंद्र है। उन्होंने रानी कमलापति (भोपाल)-हजरत निजामुद्दीन वंदे भारत एक्सप्रेस का बीना जंक्शन पर मात्र दो मिनट का ठहराव प्रदान करने का अनुरोध किया।
इसी प्रकार उन्होंने बताया कि सागर संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली कुरवाई, सिरोंज एवं शमशाबाद विधानसभा के नागरिक लंबे समय से गाड़ी संख्या 14115-14116 डॉ. अंबेडकर नगर (इंदौर)-प्रयागराज एक्सप्रेस का मंडी बामोरा रेलवे स्टेशन पर ठहराव किए जाने की मांग कर रहे हैं। इन तीनों विधानसभा क्षेत्रों में आज भी रेल लाइन उपलब्ध नहीं है और मंडी बामोरा स्टेशन ही सबसे निकट एवं प्रमुख रेलवे स्टेशन है। यहां से प्रतिदिन हजारों यात्री यात्रा करते हैं, लेकिन इस महत्वपूर्ण ट्रेन का ठहराव नहीं होने से क्षेत्रवासियों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
इसके अलावा सांसद डॉ. वानखेड़े ने ललितपुर-सागर-करेली-छिंदवाड़ा नई रेल लाइन की संशोधित डीपीआर को शीघ्र स्वीकृति प्रदान कर परियोजना के कार्य को आगे बढ़ाने का भी अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना बुंदेलखंड, महाकौशल एवं सतपुड़ा क्षेत्र को महाराष्ट्र से जोड़ने वाली अत्यंत महत्वपूर्ण एवं दूरदर्शी रेल परियोजना है। यह रेल मार्ग उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच सबसे कम दूरी वाला वैकल्पिक रेल कॉरिडोर बनकर यात्रियों एवं माल परिवहन दोनों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा।
उन्होंने मंत्री को अवगत कराया कि क्षेत्रीय सांसदों की मांग पर इस परियोजना की संशोधित डीपीआर तैयार करने की घोषणा की गई थी, जिससे पहाड़ी एवं वन क्षेत्रों को बाईपास कर परियोजना को अधिक व्यावहारिक एवं आर्थिक रूप से लाभकारी बनाया जा सके। सांसद ने बताया कि इस रेल लाइन के निर्माण से दिल्ली-ललितपुर-सागर-करेली-छिंदवाड़ा-नागपुर के माध्यम से दक्षिण भारत के लिए सबसे छोटा एवं तेज रेल मार्ग उपलब्ध होगा। इससे ईंधन एवं परिचालन लागत में कमी आएगी और वर्तमान व्यस्त रेल मार्गों पर दबाव भी कम होगा।
उन्होंने कहा कि इस परियोजना के पूरा होने से सागर रेलवे स्टेशन प्रमुख जंक्शन के रूप में विकसित होगा, जिससे रेलवे के राजस्व में वृद्धि होगी। साथ ही सागर स्थित केंद्रीय विश्वविद्यालय, स्मार्ट सिटी, बीना रिफाइनरी, सैन्य प्रतिष्ठान, टाइगर रिजर्व सहित पूरे क्षेत्र के औद्योगिक, शैक्षणिक एवं पर्यटन विकास को नई गति मिलेगी। यह रेल लाइन देश के सबसे बड़े राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-44 (नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर) के समानांतर सबसे कम दूरी वाले मार्ग पर आधारित होने से राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को भी मजबूत करेगी।
सांसद डॉ. वानखेड़े ने रेल मंत्री से अनुरोध किया कि इस महत्वपूर्ण परियोजना की संशोधित डीपीआर को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने के बाद सर्वेक्षण एवं निर्माण कार्य प्रारंभ कराने के लिए आवश्यक निर्देश दिए जाएं। उन्होंने कहा कि यह परियोजना न केवल बुंदेलखंड, महाकौशल एवं सतपुड़ा क्षेत्र के विकास का नया अध्याय लिखेगी, बल्कि उत्तर भारत से महाराष्ट्र एवं दक्षिण भारत की रेल कनेक्टिविटी को भी नई दिशा प्रदान करेगी।

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    मतगणना से पहले कांग्रेस में घमासान, प्रत्याशी ने पूर्व विधायक पर लगाए भीतरघात के आरोप।    (टुडे एमपी एक्सप्रेस दतिया)     दतिया विधानसभा उपचुनाव की मतगणना से पहले कांग्रेस में अंदरूनी विवाद खुलकर सामने आ गया है। कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने पूर्व विधायक राजेंद्र भारती पर चुनाव के दौरान पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि चुनाव में उन्हें हराने के लिए भीतरघात किया गया और भाजपा के पक्ष में काम किया गया। घनश्याम सिंह ने दावा किया कि चुनाव प्रचार के दौरान उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ नेताओं ने कांग्रेस के बजाय भाजपा को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया। उनका यह भी कहना है कि इस संबंध में पार्टी नेतृत्व को शिकायत भेजी गई है और संबंधित नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। वहीं, इन आरोपों पर पूर्व विधायक राजेंद्र भारती ने पलटवार करते हुए कहा कि उन पर लगाए जा रहे सभी आरोप निराधार हैं। उन्होंने घनश्याम सिंह को “कायर” और “डरपोक” बताते हुए कहा कि अपनी हार की आशंका के कारण वे दूसरों पर आरोप लगा रहे हैं। भारती ने यह भी आरोप लगाया कि घनश्याम सिंह ने चुनाव के दौरान संगठन और कार्यकर्ताओं को साथ लेकर नहीं चला। दोनों नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप से कांग्रेस की अंदरूनी कलह सार्वजनिक हो गई है। अब सभी की नजर 3 अगस्त को होने वाली मतगणना पर है, जिससे यह साफ होगा कि दतिया की जनता ने किस पर भरोसा जताया है।

एक महीने में 63 मरीजों को नहीं मिली एंबुलेंस…. निजी वाहनों से सागर पहुंचाना पड़ा                      बीना।  सिविल अस्पताल से जिला अस्पताल सागर रेफर किए जाने वाले मरीजों को एंबुलेंस की कमी का गंभीर खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। पिछले एक महीने के दौरान करीब 63 मरीजों को समय पर एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी, जिसके चलते परिजनों को निजी वाहन, ऑटो, टैक्सी और अन्य साधनों से मरीजों को सागर ले जाना पड़ा।सबसे अधिक परेशानी गंभीर रूप से घायल मरीजों, गर्भवती महिलाओं और अन्य आपातकालीन मरीजों को उठानी पड़ी। परिजनों का कहना है कि एंबुलेंस के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है, जिससे मरीज की हालत और अधिक गंभीर हो जाती है। कई परिवारों को मजबूरी में निजी वाहन किराए पर लेकर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी उठाना पड़ा।जानकारी के अनुसार, हाल ही में हुई सड़क दुर्घटनाओं में घायल तीन लोगों की समय पर उपचार नहीं मिलने के कारण मौत हो गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि समय पर एंबुलेंस उपलब्ध होती और मरीजों को शीघ्र उच्च चिकित्सा केंद्र पहुंचाया जाता तो उनकी जान बचाई जा सकती थी।क्षेत्रवासियों ने स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि बीना में एंबुलेंस की संख्या बढ़ाई जाए, उपलब्ध वाहनों का बेहतर संचालन सुनिश्चित किया जाए और आपातकालीन सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाया जाए, ताकि गंभीर मरीजों को समय पर उपचार मिल सके।स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि “गोल्डन ऑवर” के दौरान मरीज को उचित चिकित्सा सुविधा तक पहुंचाना बेहद जरूरी होता है। ऐसे में एंबुलेंस की अनुपलब्धता कई बार मरीज के लिए जानलेवा साबित हो सकती है।स्थानीय नागरिकों ने शासन और स्वास्थ्य विभाग से इस समस्या का स्थायी समाधान करने तथा एंबुलेंस व्यवस्था को मजबूत बनाने की मांग की है, जिससे भविष्य में किसी भी मरीज को समय पर इलाज मिलने से वंचित न होना पड़े।

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