शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बीना में विश्व खाद्य दिवस पर संगोष्ठी आयोजित

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भुखमरी समाप्त करने, खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने एवं पौष्टिक आहार के प्रति जागरूकता बढ़ाने का आह्वान

बीना। शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बीना में पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी विभाग और सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत विश्व खाद्य दिवस के अवसर पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में भुखमरी की समस्या को समाप्त करने, खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने, मिलावट रहित एवं पौष्टिक आहार की उपलब्धता तथा समाज में खाद्य पदार्थों के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।

महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. रेखा बरेठिया ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान लोक कल्याण की भावना से जुड़ी एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके अंतर्गत लगातार एक माह तक विभिन्न जनकल्याणकारी गतिविधियों के माध्यम से समाज में जागरूकता और सेवा भावना को प्रोत्साहित किया गया। उन्होंने कहा कि विश्व खाद्य दिवस हमें यह संकल्प लेने की प्रेरणा देता है कि विश्व से भुखमरी समाप्त करने तथा प्रत्येक व्यक्ति तक सुरक्षित और पौष्टिक भोजन पहुँचाने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाएँ।

डॉ. एम. एल. सोनी ने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट संपूर्ण विश्व के लिए एक गंभीर चुनौती है। शुद्ध, सुरक्षित एवं पौष्टिक आहार प्रत्येक व्यक्ति के स्वस्थ जीवन और जीवन रक्षा के लिए आवश्यक है। इसके लिए खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा मिलावट के विरुद्ध सकारात्मक सामाजिक पहल करने की जरूरत है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे लोगों को संतुलित एवं पौष्टिक आहार के महत्व के प्रति जागरूक करें और भोजन की बर्बादी रोकने में सक्रिय भूमिका निभाएँ।

कार्यक्रम संयोजक पर्यटन विभाग के विभागाध्यक्ष मोहम्मद रफीक शेख ने विद्यार्थियों से खाद्य सुरक्षा के लिए सक्रिय पहल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवा समाज में जागरूकता फैलाकर सुरक्षित भोजन, पौष्टिक आहार और खाद्य पदार्थों के उचित उपयोग का संदेश प्रभावी रूप से जन-जन तक पहुँचा सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमें खाद्य उत्पादन बढ़ाने के साथ ही खाद्यान्न बर्बादी भी रोकना है।

डॉ. राजेश कुमार सप्रे ने कहा कि भुखमरी आज भी संपूर्ण विश्व की गंभीर समस्याओं में से एक है। यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि देश में कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सरकार, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों को मिलकर प्रयास करना चाहिए। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को जरूरतमंदों की सहायता करने और भोजन के महत्व को समझने की दिशा में आगे आना चाहिए।

इस अवसर पर डॉ. सतीश कुमार राय एवं श्री गौरव नैलवाल ने भी विद्यार्थियों को खाद्य सुरक्षा, पौष्टिक आहार तथा भुखमरी उन्मूलन के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया। वक्ताओं ने भोजन की बर्बादी रोकने और समाज के प्रत्येक वर्ग तक सुरक्षित एवं पौष्टिक भोजन की पहुँच सुनिश्चित करने में युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

कार्यक्रम में डॉ. गजेंद्र पाठक, श्री एस.के. पंथी, श्री प्रदीप चौधरी, श्री जितेंद्र खांडेराव श्री अभिषेक सिंह लोधी सहित महाविद्यालय के अन्य स्टाफ सदस्य एवं छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। संगोष्ठी का उद्देश्य विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व, जनसेवा और खाद्य सुरक्षा के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना रहा।

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