मोहन बड़ोदिया।अपराध नियंत्रण और सुरक्षा के लिए जिला पुलिस के नवाचार से प्रेरित होकर ग्राम पंचायत दुधाना में लगाए गए 34 सीसीटीवी कैमरे, एसपी ने फीता काटकर किया शुभारंभ.

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मोहन बड़ोदिया ।अपराधों की रोकथाम और पतारसी के लिए आज के समय में सीसीटीवी कैमरों की निर्णायक भूमिका है, इसी उद्देश्य से जिला पुलिस अधीक्षक यशपाल सिंह राजपूत के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में जिले में अपराधों की रोकथाम और सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में जिलेभर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने के लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। शासकीय संस्थानों और संवेदनशील स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे अपराधों पर अंकुश लगाने में महत्वपूर्ण सफलता मिल रही है।
इसी दिशा में पुलिस थाना मोहन बड़ोदिया के ग्राम दुधाना पंचायत में सरपंच राकेश जायसवाल ने पुलिस अधीक्षक से प्रेरणा लेकर पूरे दुधाना कस्बे में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की पहल की है। इस पहल के तहत कस्बे में कुल 34 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिसकी शुरुआत फीता काटकर आज दिनांक 18 फरवरी मंगलवार को पुलिस अधीक्षक शाजापुर यशपाल सिंह राजपूत के द्वारा की गई, सीसीटीवी कैमरा के द्वारा मुख्य मार्गों और संवेदनशील स्थानों की निगरानी प्रभावी रूप से की जा सकेगी। इसके अतिरिक्त, पूरे कस्बे में निःशुल्क वाई-फाई की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, जिससे तकनीकी रूप से उन्नत सुरक्षा प्रणाली को और अधिक कारगर बनाया जा सकेगा।
इन सीसीटीवी कैमरों की सहायता से अपराधों की रोकथाम और घटनाओं की निगरानी करना संभव होगा। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की पहचान कर त्वरित कार्रवाई की जा सकेगी, जिससे अपराधियों पर लगाम कसने में मदद मिलेगी। साथ ही, निर्दोष व्यक्तियों को गलत आरोपों से बचाने में भी ये कैमरे एक महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में कार्य करेंगे।
ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार की आधुनिक निगरानी प्रणाली एक मील का पत्थर साबित होगी। दुधाना ग्राम में उठाए गए इस कदम से अन्य ग्रामीण क्षेत्रों को भी प्रेरणा मिलेगी, जिससे वे भी अपने क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को सशक्त करने की दिशा में पहल कर सकें।
जिला पुलिस प्रशासन जनता की सुरक्षा एवं अपराधों की रोकथाम के लिए सतत प्रयासरत है और भविष्य में भी इसी प्रकार के नवाचारों को प्रोत्साहित किया जाएगा। इस दौरान ग्राम पंचायत दुधाना सरपंच राकेश जायसवाल,मोहन बड़ोदिया थाना प्रभारी प्रेम किशोर व्यास सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे.

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।

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