नशामुक्त भारत के संकल्प के साथ गूंजा जैन महाविद्यालय: युवाओं की प्रतिभा को मिला सम्मान

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भिण्ड 31 जुलाई 2026/

मेरा युवा भारत (माय भारत) केंद्र, जिला भिण्ड द्वारा जैन महाविद्यालय भिण्ड में आयोजित “नशा मुक्त युवा – विकसित भारत 2026” कार्यक्रम युवाओं के उत्साह, रचनात्मकता एवं सामाजिक जागरूकता का प्रेरणादायी संगम बन गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातःकालीन सत्र में जैन महाविद्यालय के प्राचार्य श्री अतुल श्रीवास्तव के मुख्य आतिथ्य में हुआ। इस अवसर पर बाल संरक्षण अधिकारी श्री अजय सक्सेना, माय भारत युवा स्वयंसेवक चयन समिति के सदस्य श्री हरेन्द्र जाटव तथा जिला युवा अधिकारी माय भारत भिण्ड श्री आशुतोष साहू ने युवाओं को नशामुक्त एवं विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंतर्गत स्लैम पोएट्री, वाद-विवाद, पेंटिंग, नारा लेखन, शॉर्ट फिल्म/रील, समूह नृत्य एवं नुक्कड़ नाटक जैसी विविध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिनमें जिलेभर के विद्यार्थियों एवं युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम के समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह के मुख्य अतिथि एसडीओपी श्री रविन्द्र वास्कले रहे। इस अवसर पर मुख्य विधिक सहायता अधिकारी श्री हनुमंत बोहरे, प्राचार्य जैन महाविद्यालय श्री अतुल श्रीवास्तव एवं जिला युवा अधिकारी माय भारत भिण्ड श्री आशुतोष साहू ने विजेताओं को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया।
प्रतियोगिताओं का मूल्यांकन विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ निर्णायक मंडल द्वारा किया गया, जिसमें पेंटिंग प्रतियोगिता के लिए सुश्री सलोनी जैन, सुश्री आकांक्षा जैन एवं श्री कृष्ण कुमार ‘चिराग’, स्लैम पोएट्री के लिए डॉ. सुनील त्रिपाठी ‘निराला’, डॉ. गजेन्द्र सिंह कुशवाह एवं डॉ. परमार सिंह, शॉर्ट फिल्म/रील प्रतियोगिता के लिए श्री मनोज जैन, श्री रविन्द्र शर्मा एवं श्री राज चौरसिया, वाद-विवाद प्रतियोगिता के लिए प्रो. इकबाल अली, श्री श्रवण पाठक एवं श्रीमती प्रीति व्यास, तथा नृत्य प्रतियोगिता के लिए श्री शिवप्रताप सिंह भदौरिया, श्रीमती रेखा भदौरिया एवं श्री गौरव श्रीवास्तव निर्णायक रहे। प्रतियोगिताओं में स्लैम पोएट्री में अंशिका मिश्रा प्रथम, बॉबी वाल्मीकि द्वितीय एवं विकास सिंह तृतीय रहे।

नारा लेखन में संजना भदौरिया प्रथम, तनु भदौरिया द्वितीय एवं हिमेश कुमार तृतीय स्थान पर रहे। वाद-विवाद प्रतियोगिता में नुखिल सिंह प्रथम, रोहित जाटव द्वितीय तथा पुष्पेन्द्र सिंह तृतीय रहे। पेंटिंग प्रतियोगिता में भूपेन्द्र चौहान प्रथम, शिवम परिहार द्वितीय एवं श्रीकृष्ण बुधौलिया तृतीय रहे। शॉर्ट फिल्म/रील प्रतियोगिता में भूपेन्द्र उपाध्याय एवं टीम प्रथम, श्रेया शिवहरे एवं टीम द्वितीय तथा अश्विनी सिंह एवं टीम तृतीय स्थान पर रही। समूह नृत्य प्रतियोगिता में शिव शक्ति डांस अकादमी एवं टीम विजेता रही, जबकि नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिता में निखिल श्रीवास्तव एवं टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी युवाओं ने नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया तथा विकसित भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी का विश्वास व्यक्त किया। यह आयोजन युवाओं की रचनात्मक ऊर्जा को राष्ट्रहित में दिशा देने की दृष्टि से अत्यंत सफल एवं प्रेरणादायी सिद्ध हुआ।

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    मतगणना से पहले कांग्रेस में घमासान, प्रत्याशी ने पूर्व विधायक पर लगाए भीतरघात के आरोप।    (टुडे एमपी एक्सप्रेस दतिया)     दतिया विधानसभा उपचुनाव की मतगणना से पहले कांग्रेस में अंदरूनी विवाद खुलकर सामने आ गया है। कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने पूर्व विधायक राजेंद्र भारती पर चुनाव के दौरान पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि चुनाव में उन्हें हराने के लिए भीतरघात किया गया और भाजपा के पक्ष में काम किया गया। घनश्याम सिंह ने दावा किया कि चुनाव प्रचार के दौरान उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ नेताओं ने कांग्रेस के बजाय भाजपा को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया। उनका यह भी कहना है कि इस संबंध में पार्टी नेतृत्व को शिकायत भेजी गई है और संबंधित नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। वहीं, इन आरोपों पर पूर्व विधायक राजेंद्र भारती ने पलटवार करते हुए कहा कि उन पर लगाए जा रहे सभी आरोप निराधार हैं। उन्होंने घनश्याम सिंह को “कायर” और “डरपोक” बताते हुए कहा कि अपनी हार की आशंका के कारण वे दूसरों पर आरोप लगा रहे हैं। भारती ने यह भी आरोप लगाया कि घनश्याम सिंह ने चुनाव के दौरान संगठन और कार्यकर्ताओं को साथ लेकर नहीं चला। दोनों नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप से कांग्रेस की अंदरूनी कलह सार्वजनिक हो गई है। अब सभी की नजर 3 अगस्त को होने वाली मतगणना पर है, जिससे यह साफ होगा कि दतिया की जनता ने किस पर भरोसा जताया है।

एक महीने में 63 मरीजों को नहीं मिली एंबुलेंस…. निजी वाहनों से सागर पहुंचाना पड़ा                      बीना।  सिविल अस्पताल से जिला अस्पताल सागर रेफर किए जाने वाले मरीजों को एंबुलेंस की कमी का गंभीर खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। पिछले एक महीने के दौरान करीब 63 मरीजों को समय पर एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी, जिसके चलते परिजनों को निजी वाहन, ऑटो, टैक्सी और अन्य साधनों से मरीजों को सागर ले जाना पड़ा।सबसे अधिक परेशानी गंभीर रूप से घायल मरीजों, गर्भवती महिलाओं और अन्य आपातकालीन मरीजों को उठानी पड़ी। परिजनों का कहना है कि एंबुलेंस के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है, जिससे मरीज की हालत और अधिक गंभीर हो जाती है। कई परिवारों को मजबूरी में निजी वाहन किराए पर लेकर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी उठाना पड़ा।जानकारी के अनुसार, हाल ही में हुई सड़क दुर्घटनाओं में घायल तीन लोगों की समय पर उपचार नहीं मिलने के कारण मौत हो गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि समय पर एंबुलेंस उपलब्ध होती और मरीजों को शीघ्र उच्च चिकित्सा केंद्र पहुंचाया जाता तो उनकी जान बचाई जा सकती थी।क्षेत्रवासियों ने स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि बीना में एंबुलेंस की संख्या बढ़ाई जाए, उपलब्ध वाहनों का बेहतर संचालन सुनिश्चित किया जाए और आपातकालीन सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाया जाए, ताकि गंभीर मरीजों को समय पर उपचार मिल सके।स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि “गोल्डन ऑवर” के दौरान मरीज को उचित चिकित्सा सुविधा तक पहुंचाना बेहद जरूरी होता है। ऐसे में एंबुलेंस की अनुपलब्धता कई बार मरीज के लिए जानलेवा साबित हो सकती है।स्थानीय नागरिकों ने शासन और स्वास्थ्य विभाग से इस समस्या का स्थायी समाधान करने तथा एंबुलेंस व्यवस्था को मजबूत बनाने की मांग की है, जिससे भविष्य में किसी भी मरीज को समय पर इलाज मिलने से वंचित न होना पड़े।

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