उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के एक निजी अस्पताल में कथित लापरवाही के कारण 8 मरीजों की मौत का मामला सामने आया है। घटना शिवा मेडिकल सेंटर में हुई, जहां आईसीयू में ऑक्सीजन आपूर्ति अचानक बाधित हो गई।
घटना का विवरण:
मरीजों के परिजनों का आरोप है कि रात 2 बजे के करीब अस्पताल में ऑक्सीजन सप्लाई रुकने के कारण आईसीयू में भर्ती मरीजों की स्थिति बिगड़ गई। अस्पताल प्रशासन ने तकनीकी खराबी का हवाला देते हुए समस्या को स्वीकार किया, लेकिन उचित समय पर कार्रवाई नहीं की जा सकी।
सरकार की प्रतिक्रिया:
मुख्यमंत्री कार्यालय ने घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, “इस तरह की लापरवाही अस्वीकार्य है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
परिजनों का गुस्सा:
घटना के बाद अस्पताल के बाहर मृतकों के परिजनों ने प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि अस्पताल प्रबंधन ने घटना को छुपाने की कोशिश की। परिजनों ने अस्पताल की सेवाओं पर सवाल उठाते हुए प्रशासन से न्याय की मांग की।
अस्पताल का बयान:
अस्पताल के प्रबंध निदेशक ने बयान जारी कर कहा कि, “यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। तकनीकी टीम से ऑक्सीजन सप्लाई में खराबी की जानकारी मिलने के बाद हमने समस्या को ठीक करने की कोशिश की, लेकिन समय रहते नहीं कर सके।”
जांच प्रक्रिया:
घटना की जांच के लिए एक विशेष समिति गठित की गई है। समिति एक हफ्ते में अपनी रिपोर्ट पेश करेगी। यदि अस्पताल की लापरवाही साबित होती है, तो लाइसेंस रद्द करने समेत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना अस्पताल प्रबंधन में सुधार और स्वास्थ्य सेवाओं में जवाबदेही सुनिश्चित करने की आवश्यकता को फिर से उजागर करती है।








