
पवई । को जिला बनाए जाने की मांग ने जोर पकड़ लिया है। जिसको लेकर जिला बनाओ संघर्ष समिति के द्वारा पूर्व में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष,प्रभारी मंत्री,पूर्व मुख्यमंत्री एवं पवई विधायक को आवेदन के माध्यम से मांग की जा चुकी है,कि पवई को जिला बनाया जाए।
क्षेत्रवासियों ने बताया कि पवई विधानसभा 58 मध्य प्रदेश के पन्ना जिले की सबसे बड़ी विधानसभा है। पवई विधानसभा अंतर्गत चार तहसील(शाहनगर,रैपुरा, पवई, सिमरिया)है और दो उप तहसील आती है,यदि गुनौर एवं अमानगंज तहसील को मिला दिया जाए,तो पवई को जिला बनाया जा सकता है। पवई पन्ना और कटनी के बीच का केंद्र बिंदु है जहां से 27 किलोमीटर गुनौर तो,वही अमानगंज 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इसके अलावा सुगरहा ग्राम पंचायत जो पन्ना जिले की आखिरी ग्राम पंचायत, जो जिला मुख्यालय से 110 किलोमीटर दूर है,इसी प्रकार रैपुरा तहसील की दूरी 100 किलोमीटर,श्यामगिरी कल्दा से 110 किलोमीटर ,मड़वा हरदुआ से भी 110 किलोमीटर है,यदि पन्ना जिले से पवई को अलगकर साथ ही गुनौर और अमानगंज को जोड़कर पवई को जिला बना दिया जाए तो इन सब की दूरी पवई के जिला बनने के बाद 35 से 40 किलोमीटर रह जाएगी। इसके साथ ही एशिया की सबसे बड़ी सीमेंट कंपनी जेके सीमेंट का प्लांट भी पवई विधानसभा अंतर्गत आता है,इसके साथ ही यहां पर्यटन को लेकर भी अपार संभावनाएं हैं,माता कलेही देवी मंदिर,प्राचीन सिद्ध स्थल हनुमान भाटे जहां वर्ष भर लगातार जिले ही नहीं बल्कि दूसरे जिलों अन्य प्रदेशों के लोग भी यहां दर्शन करने एवं पर्यटन के लिए आते हैं। यदि पवई को जिला बनाया जाता है,तो ऐसे में इस क्षेत्र का सर्वांगीण विकास होगा,लोगों को रोजगार मिलेगा, साथ ही लोगों के आवश्यक कार्यों के लिए आने जाने में पैसे एवं समय की भी बचत होगी। नागरिकों ने कहा कि जब छोटी-छोटी एक दो तहसीलों को जोड़कर मैहर, मऊगंज, निवाड़ी आदि को जिला बनाया जा सकता है, तो फिर पवई को जिला क्यों नहीं बनाया जा सकता।

