ललितपुर।बजरंग सेना का हुआ होली मिलन समारोह संपन्न नव नियुक्त पदाधिकारियों और महिला मोर्चा का हुआ पुनः गठन प्रतिभा कौशिक बनाई गई महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष*

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

ललितपुर।बजरंग सेना संगठन का होली मिलन समारोह और नव नियुक्त पदाधिकारियों का स्वागत सम्मान समारोह बजरंग सेना  जिला कार्यालय पर प्रदेश प्रभारी शुभम पस्तोर खड़ेरा और महिला मोर्चा प्रदेश प्रभारी कविता पस्तोर की उपस्थिति में संपन्न हुआ

कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष डॉक्टर दीपक पस्तोर ने की ओर संचालन जिला महासचिव श्याम दीक्षित ने किया
कार्यक्रम की शुरुवात श्री हनुमान चालीसा  के पाठ से हुई,
सर्वप्रथम नव नियुक्त पदाधिकारियों का संगठन में स्वागत किया गया उन्हे भगवा पट्टी पहनाकर और माला पहनाकर प्रदेश प्रभारी शुभम पस्तोर ने सदस्यता दिलाई
जिसमे रामाकांत दुबे को जिला कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई
डॉक्टर अमित कौशिक को नगर सह प्रभारी बनाया गया
बहुत दिनों से भंग चल रही महिला मोर्चा की कार्यकारिणी को पुनः घोषित करते हुए प्रदेश प्रभारी कविता पस्तोर द्वारा श्री मति प्रतिभा कौशिक को जिलाध्यक्ष बनाया गया सभी महिला मोर्चा की पदाधिकारियों ने बुके भेट कर फूल माला पहनाकर उनका जोरदार स्वागत किया.जिलाध्यक्ष द्वारा अपनी कार्यकारणी में विस्तार करते हुए ममता तिवारी को जिला प्रभारी,राजकुमारी दुबे नगर अध्यक्ष,गीता पटेल वरिष्ठ उपाध्यक्ष,छाया गोश्वामी जिला मंत्री,उर्मिला राजा जिला महासचिव,नीतू राजा बुंदेला नगर प्रभारी,बबिता दुबे नगर महामंत्री,निशा तिवारी जिला महासचिव,को घोषित किया गया
प्रदेश नेतृत्व द्वारा सभी पदाधिकारियों को संगठन में लगातार कार्य करते हुए संगठन को मजबूत बनाने के दिशा निर्देश दिए गए
बैठक के बाद होली मिलन कार्यक्रम हुआ जिसमे सभी पदाधिकारियों ने गुलाल और फूलो की होली खेली बड़े प्रेम और उत्साह से कभी सदस्यो ने फाग के गानों में खूब डांस किया
डॉक्टर दीपक पस्तोर ने आगामी आने वाले हिंदू धर्म संस्कृति के पर्व और त्यौहार पर संगठन के सभी पदाधिकारियों को बढ़चढ़ कर हिस्सा लेने की बात रखी
जिला संयोजक खुशाल समैया ने सभी नव नियुक्त पदाधिकारियों को अपने पद की गरिमा के साथ हिंदुत्व के लिए कार्य करने और सभी सामाजिक धार्मिक मुद्दो पर कार्य करने की बात रखी….!!

कार्यक्रम में मुख्य रूप से जिला प्रभारी रामकुमार तिवारी,जिला संयोजक खुशाल समैया,दीपक नायक वरिष्ठ उपाध्यक्ष,सौम्यानंद तिवारी जिलाध्यक्ष धर्म रक्षा प्रकोष्ठ, श्याम दीक्षित जिला महासचिव,संजू सेन बुढ़वार जिला संगठन मंत्री,संजय सिंह लोधी जिला संगठन महामंत्री,दीपेश उपाध्याय जिला प्रचार प्रसार मंत्री,प्रथम रजक ग्राम पंचायत प्रभारी दावनी, छोटू नायक करमई बार ब्लॉक प्रभारी,ऋषि शुक्ला नगर प्रभारी,आदर्श दुबे पूर्व नगर अध्यक्ष युवा मोर्चा,राधे गोश्वामी नगर उपाध्यक्ष युवा मोर्चा बीजेपी,रानू नामदेव,
देवेंद्र कौशिक पत्रकार,शिवम अग्निहोत्री पत्रकार,अमित लखेरा पत्रकार,आशीष तिवारी पत्रकार, दिव्यांश शर्मा पत्रकार, आदि सभी लोग मौजूद रहे..!!

कार्यक्रम के अंत में दीपक नायक वरिष्ठ उपाध्यक्ष द्वारा सबका आभार व्यक्त किया गया..!!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Ad
What is the capital city of France?

Hi

*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।